
यूपी के मेरठ से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां परीक्षितगढ़ में पशु व्यापारी और उसकी पत्नी ने बेटे को बचाने के लिए डकैती की झूठी पटकथा रच दी। थाना पुलिस सर्विलांस और एसओजी स्वाट टीम ने खुलासा करते हुए माता-पिता और बेटे को गिरफ्तार कर लिया। जुए में दांव लगाकर बेटा 32 लाख रुपये की रकम हार गया था। पुलिस ने आरोपी को मुजफ्फनगर में बहन के घर से गिरफ्तार कर लिया।
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के सौंदत गांव में पशु कारोबारी इसरार अहमद हाल में किराना की दुकान चलाता है। उसके बेटे साजिद, राशिद, शाहिद व सबसे छोटा बेटा अब्दुल वाहिद है। गुरुवार रात घर में इसरार पत्नी अनवरी खातून के साथ एक कमरे में सो रहा था। अनवरी ने बताया कि देर रात करीब ढाई बजे पांच बदमाश घर में घुसे। आहट होने पर वह पास वाले कमरे में गई, जहां एक बदमाश ने उसका मुंह दबा दिया।
सेफ का ताला खोलकर साढ़े 17 लाख की नगदी, करीब 15 लाख कीमत के 10 तोले सोने के आभूषण और सवा दो किलो चांदी ले गए। फुटेज में कोई भी बदमाश घर आता व जाता दिखाई नहीं दिया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो अनवरी ने बताया कि बेटा अब्दुल वाहिद सट्टे में रकम हार चुका है। उधर, एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि आरोपी अब्दुल वाहिद को मुजफ्फनरनगर स्थित उसकी बहन के घर से गिरफ्तार कर लिया। उसकी मां और पिता को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
17 लाख की नकदी और 15 लाख के जेवर हुए गायब
इसरार अहमद ने बताया कि करीब एक माह पहले अनवरी ने सेफ में देखा कि साढ़े 17 लाख की नगदी और 15 लाख कीमत के आभूषण गायब है। अनवरी ने खुद इस बात का पता किया। सेफ से छोटा बेटा अब्दुल वाहिद साढ़े 17 लाख की नगदी और आभूषण उठाकर ले गया। उक्त रकम और आभूषण को वह सट्टे में हार गया। अनवरी ने मामले को परिवार के सामने नहीं रखा। उसे डर था कि इसरार अहमद और अन्य बेटे विवाद कर देंगे।




