Saturday, March 7, 2026
Cricket

‘मुझे नहीं इस खिलाड़ी को मिलना चाहिए था प्लेयर ऑफ द मैच’, संजू सैमसन ने आखिर किसका लिया नाम!..

‘मुझे नहीं इस खिलाड़ी को मिलना चाहिए था प्लेयर ऑफ द मैच’, संजू सैमसन ने आखिर किसका लिया नाम!..
‘मुझे नहीं इस खिलाड़ी को मिलना चाहिए था प्लेयर ऑफ द मैच’, संजू सैमसन ने आखिर किसका लिया नाम!..

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में 42 गेंद की अपनी आक्रामक पारी में 89 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गये संजू सैमसन ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि इस जीत का सबसे ज्यादा श्रेय जसप्रीत बुमराह को मिलना चाहये.

बड़े स्कोर वाले इस मैच मे बुमराह ने चार ओवर में 33 रन देकर एक विकेट लिया. उन्होंने मैच के 18वें ओवर में सिर्फ छह रन देकर इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया. भारत ने सात विकेट पर 253 रन बनाने के बाद इंग्लैंड को सात विकेट पर 246 रन पर रोक दिया.

अपनी पारी में आठ चौके और सात छक्के लगाने वाले सैमसन ने कहा, ‘‘हम आज टीम के प्रदर्शन से बेहद खुश हैं और इसका पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को जाता है. मुझे लगता है कि वह विश्व-स्तरीय गेंदबाज हैं, पीढ़ी में एक बार मिलने वाले गेंदबाज और आज उन्होंने वही दिखाया. दरअसल यह (प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार) उन्हीं को जानी चाहिए.’’

सैमसन ने पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘ अगर हमने आखिरी ओवरों में उस तरह की गेंदबाजी नहीं की होती, तो शायद मैं यहां खड़ा नहीं होता. इसलिए पूरा श्रेय गेंदबाजों को जाता है, जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में खुद पर भरोसा दिखाया और शानदार प्रदर्शन किया.’’

उन्होंने अपनी पारी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ बहुत अच्छा महसूस हो रहा है. मुझे पिछले मैच से ही लग रहा था कि मेरी लय वापस आ रही है. मैंने खुद को थोड़ा अतिरिक्त समय दिया और इसका अच्छा नतीजा मिला. जैसा कि मैंने पहले भी कहा, आपको परिस्थितियों का आकलन करना होता है. हमने वानखेड़े में काफी क्रिकेट खेला है और यहां लक्ष्य का पीछा करना थोड़ा आसान हो जाता है.’’

सैमसन ने कहा कि ईशान किशन के साथ बल्लेबाजी करते हुए उन्हें लगा था कि इस पिच पर 250 रन का स्कोर बन सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘ अभिषेक के आउट होने के बाद जिस तरह हमने बल्लेबाजी की खासकर मेरे और ईशान के बीच साझेदारी बनी, तब हमें लगा कि यहां 250 का स्कोर संभव है. ड्रेसिंग रूम में भी हम इसी बारे में बात कर रहे थे.’’

पिछले मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन की पारी खेलने वाले इस बल्लेबाज ने शतक से चूकने के बारे में कहा, ‘‘जहां तक शतक की बात है, मेरा मानना है कि शतक सोचकर नहीं बनाया जाता, वह खेल की प्रक्रिया में अपने आप आता है. यह टेस्ट या वनडे की तरह नहीं है कि आप रफ्तार ऊपर-नीचे कर सकें. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जब आप पहले बल्लेबाजी कर रहे होते हैं तो आपको लगातार आक्रामक खेलना होता है. अंत में आप सही स्थिति में पहुंच जाएं तो पता नहीं कितने रन बन जाएं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैने जितने भी रन बनाये हैं उससे मैं खुश हूं और सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मैं अपनी टीम और अपने देश की जीत में योगदान दे सका.’’

me.sumitji@gmail.com

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