Thursday, February 12, 2026
Gazab

कभी दुनियाˈ भर में मशहूर था पाकिस्तान का ये अखबार, छाप दी ऐसी खबर, हर जगह उड़ गया मजाकˌ

कभी दुनियाˈ भर में मशहूर था पाकिस्तान का ये अखबार, छाप दी ऐसी खबर, हर जगह उड़ गया मजाकˌ
कभी दुनियाˈ भर में मशहूर था पाकिस्तान का ये अखबार, छाप दी ऐसी खबर, हर जगह उड़ गया मजाकˌ

इन दिनों दुनिया के हर कोने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनी धमक बना रहा है. इसमें कंटेंट भी पीछे नहीं है. देश-दुनिया के तमाम मीडिया चैनल्स भी अब इसका जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन चूंकि है ये मशीनी ज्ञान, ऐसे में इसके इस्तेमाल में भी सावधानी जरुरी है. खासकर जब मीडिया लोगों के साथ ज्ञान के साथ साथ चिंतन के विषय पर भी जानकारी देता है. ऐसे में जरुरी हो जाता है कि जानकारियां इंसानी समझ के साथ शेयर की जाए ना कि मशीनी ज्ञान के जरिये.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का ऐसा इस्तेमाल पाकिस्तानी अखबार ने कर दिया कि अब उसकी हर जगह बदनामी हो रही है. अपने कंटेंट की वजह से पाकिस्तानी अखबार डॉन दुनियाभर में मशहूर है. लेकिन 12 नवंबर को इस अखबार में एक आर्टिकल छापा गया. उस आर्टिकल के नीचे ऐसी चीज लिखी थी, जिसके बाद ये अखबार ट्रोल हो गया. हर जगह उसका मजाक उड़ने लगा. कई लोगों ने तो यहां तक लिखा कि अब वो इस अख़बार को नहीं पढ़ेंगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आखिर क्या है पूरा मामला?

गलती से हो गया खुलासा
सोशल मीडिया पर एक शख्स ने डॉन अख़बार के 12 नवंबर के एक आर्टिकल की क्लिप शेयर की. इस क्लिप में अख़बार के कारोबार सेक्शन में छपा एक आर्टिकल नजर आया. आर्टिकल में कई तरह की जानकारियां दी थी. लोगों ने उसे बड़े ध्यान से पढ़ा. लेकिन इसके आखिर में छप गया था आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस का लिखा गया प्रांप्ट. जी हां, इसे पढ़ते ही समझ आ गया कि इस नामी अख़बार ने एआई का इस्तेमाल कर आर्टिकल लिखा था और उसे ही छाप दिया. किसी बिजनेस जर्नलिस्ट के ओपिनियन इसमें शामिल नहीं थे.

लिखी थी ऐसी बात
इस आर्टिकल के आखिरी में चैटजीपीटी का रिमार्क था. इसमें लिखा था- यदि आप कहें तो मैं आपके लिए पूरे फ्रंट पेज स्टाइल में भी आर्टिकल बना सकता हूं.कुछ आंकड़े दे सकता हूं और पूरा लेआउट इंफोग्राफ में तैयार कर सकता हूं. इससे रीडर्स प्रभावित होंगे. क्या आप चाहते हैं कि मैं ऐसा कोई बदलाव करूं. इसे पढ़ते ही लोग अख़बार को ट्रोल करने लगे. डॉन अख़बार पाकिस्तान का सबसे पुराना अख़बार है. 1941 में ये सबसे पहले दिल्ली से लॉन्च हुआ था. लेकिन पार्टीशन के बाद इसकी प्रिंटिंग लाहौर से होने लगी. पहले ये साप्ताहिक था लेकिन बाद में इसे दैनिक बना दिया गया. इस नामी अख़बार की एक मिस्टेक ने इसे ट्रोल कर दिया है.

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply