
Perseus Android Malware Alert: आज के दौर में हम अपनी बैंक डिटेल्स से लेकर घर का सामान खरीदने की लिस्ट और ऑफिस के जरूरी आईडी-पासवर्ड तक, सब कुछ फोन के नोट्स (Notes App) में सेव करके रखते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत कितनी भारी पड़ सकती है? अगर नहीं, तो यह खबर आपके लिए सिक्योरिटी अलार्म है. इस समय मार्केट में एक नया मैलवेयर परसियस (Perseus) आया है, जो आपके नोट्स ऐप से पासवर्ड, पिन, बैंक अकाउंट नंबर या रिकवरी फ्रेज जैसी जरूरी चीजें चुरा रहा है. यह कोई मामूली वायरस नहीं है, बल्कि एक शातिर एंड्रॉइड मैलवेयर है, जो चुपके से आपके फोन में घुसकर आपकी सबसे पर्सनल जानकारियां उड़ा ले जाता है. सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि यह आपके फोन के उन ऐप्स को निशाना बना रहा है, जिन्हें हम सबसे सिक्योर मानते हैं, जैसे- गूगल कीप (Google Keep), सैमसंग नोट्स और शाओमी के नोट्स ऐप.
क्या है यह ‘परसियस’ और कैसे करता है काम?
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, परसियस एक ‘स्पाइवेयर’ की तरह काम करता है. इसका मतलब है कि यह आपके फोन में घुसकर एक जासूस की तरह बैठ जाता है. यह मैलवेयर खासतौर पर उन लोगों को शिकार बना रहा है, जो अपने फोन में जरूरी जानकारी लिखकर रखते हैं. जैसे ही यह आपके फोन में पहुंचता है, यह आपके नोट्स ऐप का पूरा एक्सेस ले लेता है. आपने डायरी की तरह जो भी पर्सनल बातें लिखी होंगी या पासवर्ड सेव किए होंगे, यह उन्हें तुरंत अपने सर्वर पर भेज देता है. इसके बाद हैकर्स आपकी उन जानकारियों का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग या बैंकिंग फ्रॉड के लिए कर सकते हैं.
इन ऐप्स पर है सबसे ज्यादा खतरा
रिपोर्ट्स की मानें तो यह वायरस किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है. इसके निशाने पर Google Keep, Samsung Notes, Xiaomi Notes जैसे ऐप्स हैं. अगर आपके फोन में भी ये ऐप्स हैं, तो आपको अलर्ट हो जाने की जरूरत है.
इंसानी गलती का फायदा उठाता है वायरस
यह वायरस आपके फोन में अपने आप नहीं आता है. यह हमारी किसी छोटी सी गलती का इंतजार करता है. अक्सर हम किसी अनजान लिंक पर क्लिक कर देते हैं या फिर किसी ‘Free’ गेम या ऐप के लालच में उसे किसी फेक वेबसाइट से डाउनलोड कर लेते हैं. ‘परसियस’ इन्हीं फर्जी ऐप्स के पीछे छिपकर आपके फोन में एंट्री मारता है. एक बार इंस्टॉल होने के बाद, यह आपसे एक्सेसिबिलिटी सर्विस की परमिशन मांगता है. जैसे ही आपने Allow पर क्लिक किया, समझो आपके फोन की चाबी हैकर के हाथ में चली गई.
यूजर को भनक तक नहीं लगती
इसकी सबसे खतरनाक बात यह है कि यह ऐप बैकग्राउंड में काम करता रहता है. न कोई अलर्ट आता है और न ही फोन में कोई खास बदलाव दिखता है. जब तक यूजर को पता चलता है, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है.
बचाव के लिए अपनाएं ये आसान तरीके
इस तरह के खतरे से बचने के लिए आपको थोड़ी सावधानी बरतने की बहुत जरूरत है. सबसे पहले तो आप वॉट्सऐप या ईमेल पर आए किसी भी ऐसे लिंक पर क्लिक न करें, जो आपको मुफ्त इनाम या लॉटरी का लालच दे. ये वायरस के सबसे बड़े ठिकाने हैं. अगर कोई भी ऐप डाउनलोड करना हो, तो केवल गूगल प्ले स्टोर का ही इस्तेमाल करें. किसी अनजान वेबसाइट (APK File) से ऐप डाउनलोड करना आपके फोन के लिए अच्छा नहीं होगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जब भी कोई ऐप आपसे फोन के मैसेज, गैलरी या नोट्स की परमिशन मांगे, तो सोचें कि क्या उस ऐप को वाकई इसकी जरूरत है? एक साधारण टॉर्च ऐप को आपके नोट्स की परमिशन क्यों चाहिए? अपने फोन की सफाई करते रहें. जिन ऐप्स का आप इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें तुरंत हटा दें. इसके साथ ही, फोन के सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखें.






