
होली का त्योहार आ चुका है. वहीं, होली पर घरों में कई तरह की मिठाइयां बनाई जाती हैं. ऐसे ही होली आते ही घरों में गुझिया बनाने की तैयारी भी शुरू हो जाती है. वहीं ज्यादातर मिठाइयां बनाने के लिए मैदा, चीनी, ड्राई फ्रूट्स और सबसे जरूरी मावा होता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लेकिन त्योहारों के समय जिस चीज की सबसे ज्यादा मांग बढ़ती है उसमें मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है. कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कुछ लोग सिंथेटिक दूध, स्टार्च सफेद पाउडर, डिटर्जेंट, घटिया तेल या केमिकल मिलाकर नकली मावा तैयार कर देते हैं. वहीं देखने में यह असली जैसा ही लगता है. लेकिन सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. मिलावटी मावा खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, फूड पॉइजनिंग और पाचन तंत्र की गंभीर दिक्कतें हो सकती है. ऐसे में गुझिया बनाने से पहले मावे की शुद्धता जांच लेना बहुत जरूरी है. लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू तरीकों से असली और नकली मावा की पहचान की जा सकती है.
आपको बता दें कि होली के समय मावे की मांग नॉर्मल दिनों से कई गुना बढ़ जाती है. 60 से 70 प्रतिशत लोग बाजार से मिठाई लेने के बजाय घर पर गुझिया बनाते हैं, जिससे मावा की खपत तेजी से बढ़ती है. ज्यादा मांग के कारण कुछ दुकानदार लागत घटाने के लिए मिलावटी मावा बेच देते हैं.
ऐसे में नकली और असली मावे में पहचान करने के लिए मावे को हथेली पर लेकर एक से दो मिनट रगड़ें. अगर हल्की घी जैसी खुशबू आए, बनावट मुलायम और चिकनी हो तथा दूध जैसी महक आए तो मावा शुद्ध हो सकता है. अगर मावा चिपचिपा ज्यादा सख्त या अजीब गंध वाला लगे तो उसमें मिलावट हो सकती है.
इसके अलावा असली मावे का स्वाद हल्का मीठा और दूध जैसा होता है. नकली मावा कड़वा, बेस्वाद या मुंह में चिपकने वाला महसूस हो सकता है.
वहींं थोड़ा सा मावा पानी में डालें और फेंटें. फिर देखें कि असली मावा धीरे-धीरे घुलता है और पानी हल्का दूधिया दिखने लगता है. वहीं अगर मावा दानेदार टुकड़ों में अलग हो जाए या पानी को बहुत ज्यादा सफेद और गाढ़ा बना दें तो समझ जाए कि उसमें मिलावट हो सकती है.
असली और नकली मावे में फर्क करने के लिए मावा की छोटी गोली बनाकर हथेली पर दबाएं. फिर देखें असली मावा मुलायम और चिकना रहेगा वहीं नकली मावा सूखा या भुरभुरा होकर टूट सकता है.
इसके अलावा मावे को थोड़ा गर्म करके ठंडा करें और उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें. अगर मावे का रंग नीला या काला हो जाए तो इसमें स्टार्च या मैदा मिलाया गया है. वहीं शुद्ध मावे का रंग नहीं बदलता है.
नकली मावे की जांच करने के लिए मावे का छोटा टुकड़ा जलाकर देखें. अगर जलने पर प्लास्टिक या केमिकल जैसी बदबू आए तो यह मिलावटी हो सकता है. शुद्ध मावे ये दूध या घी जैसी खुशबू आती है.
वहीं असली मावा हल्का क्रीम या ऑफ व्हाइट रंग का होता है और थोड़ा दानेदार महसूस होता है. बहुत ज्यादा सफेद, चमकीला या जरूरत से ज्यादा चिकना मावा मिलावटी हो सकता है. इसके अलावा मावा में थोड़ी चीनी मिलाकर गर्म करें. शुद्ध मावा पानी छोड़ने के बाद गाढ़ा हो जाएगा. मिलावटी मावा रबड़ी जैसा या पाउडर की तरह अलग-अलग हो सकता है.





