Tuesday, March 10, 2026
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गजब बेइज्जती है! ट्रंप को कुछ समझ ही नहीं रहा ईरान, अब कहा- तुमसे बड़े आए-गए, कहीं खुद का सफाया न हो जाए

गजब बेइज्जती है! ट्रंप को कुछ समझ ही नहीं रहा ईरान, अब कहा- तुमसे बड़े आए-गए, कहीं खुद का सफाया न हो जाए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को चेतावनी देने के बाद कि यदि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति को रोकने का प्रयास करता है तो उसे भीषण सैन्य जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा, अमेरिका और ईरान के बीच तीखी बयानबाजी छिड़ गई। इस पर ईरान के सर्वोच्च नेता के एक वरिष्ठ सलाहकार ने तुरंत और चुनौती भरा जवाब दिया। लारिजानी ने लिखा कि ईरान जैसा बलिदानी राष्ट्र तुम्हारी खोखली धमकियों से नहीं डरता। तुमसे बड़े भी ईरान को खत्म नहीं कर सके। सावधान रहें, कहीं खुद आपका सफाया न हो जाए। अतीत में ईरान पर ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का आरोप लग चुका है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान जलडमरूमध्य से तेल प्रवाह रोकने के लिए कोई भी कदम उठाता है तो अमेरिका पिछली कार्रवाइयों की तुलना में “बीस गुना अधिक कठोर” प्रतिक्रिया देगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वाशिंगटन ईरानी संपत्तियों को इस तरह से निशाना बना सकता है जिससे देश के लिए पुनर्निर्माण करना “लगभग असंभव” हो जाएगा। 

ईरान के हमले जारी

ईरान ने दबाव बनाने की नीति के तहत इजराइल और खाड़ी देशों पर नए हमले किए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस युद्ध के चलते तेल की कीमतों में उछाल लाया है और वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई और बहरीन में सुबह मिसाइल हमले की चेतावनी वाले सायरन बजने लगे जबकि सऊदी अरब ने कहा कि उसने अपने तेल समृद्ध पूर्वी क्षेत्र में दो ड्रोन को नष्ट कर दिया। कुवैत के नेशनल गार्ड ने कहा कि उसने छह ड्रोन मार गिराए हैं। बाद में सुबह के समय, यरूशलम में भी सायरन बजने लगे और तेल अवीव में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। इस बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लीबाफ़ ने एक्स पर चुनौती भरे लहजे में लिखा, हम निश्चित रूप से संघर्षविराम की तलाश में नहीं हैं। हमारा मानना ​​है कि हमलावर के मुंह पर मुक्का मारा जाना चाहिए ताकि उसे सबक मिले और वह फिर कभी हमारे प्यारे ईरान पर हमला करने के बारे में न सोचे। खाड़ी क्षेत्र में इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों तथा ड्रोन से हमला करने के अलावा ईरान ऊर्जा अवसंरचना को भी निशाना बना रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है जिससे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। 

ब्रेंट क्रूड की कीमत में उछाल

अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार ‘ब्रेंट क्रूड’ की कीमत बढ़कर लगभग 120 डॉलर तक पहुंच गई। हालांकि बाद में कीमत में थोड़ी नरमी आई और मंगलवार को भी यह लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल पर थी जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने  कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस्लामी गणराज्य वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो लड़ाई और तेज हो सकती है। इस युद्ध के कारण विश्व बाजारों में तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है और समूचे अमेरिका में ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। ईरान ने प्रभावी रूप से टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग करने से रोक दिया है जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच का नौवहन मार्ग है, हिंद महासागर का प्रवेश द्वार है तथा इसके माध्यम से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, जलडमरूमध्य के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम सात नाविक मारे गए हैं। ट्रंप ने मंसोशल मीडिया पर पोस्ट कर चेतावनी दी: अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल के प्रवाह को रोकने वाला कोई भी कदम उठाता है तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमले करेगा।

IRG ने किया साफ, हम तय करेंगे युद्ध कब खत्म करना है

ईरानी सरकारी मीडिया में ट्रंप की टिप्पणियों के प्रकाशन के बाद सीधा जवाब देते हुए अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता अली मोहम्मद नाइनी ने कहा ईरान तय करेगा कि युद्ध कब खत्म करना है। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद उनके पुत्र अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी चुना गया है। इसके एक दिन बाद ही तेल की कीमतें कुछ समय के लिए 2022 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। सर्वोच्च नेता के कार्यालय के विदेश नीति सलाहकार कमाल खराजी ने सोमवार को ‘सीएनएन’ को बताया कि ईरान एक लंबे युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जब तक आर्थिक दबाव अन्य देशों को हस्तक्षेप करने और ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजराइली आक्रामकता को रोकने के लिए प्रेरित नहीं करता, तब तक उन्हें कूटनीति के लिए कोई गुंजाइश नहीं दिखती। 
me.sumitji@gmail.com

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