Himachal Se: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर सरकार पर हमला बोला है. इस बार उन्होंने बीएचयू विवादित सवाल पर सरकार को घेरा है. अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीएचयू में कोई क्वेश्चन पेपर आ गया है उसका सवाल भी टेढ़ामेढ़ा है. यह भारतीय जनता पार्टी की सोची समझी रणनीति है. अखिलेश ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कैसे सवाल पूछे जा रहे हैं.

पहले उन्हें बदनाम करो, फिर उस पर हमसे सवाल पूछे जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब बीजेपी कराती है. बीजेपी ही इन सबके पीछे हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने मदनमोहन मालवीय जैसे पुरुषों के प्रतिष्ठित संस्थान का इन लोगों ने क्या हाल कर दिया है. उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक का सभी को पता है. इतना कुछ होने के बाद भी एक बार फिर नीट पेपर लीक हो गया. पकड़े गए लोगों में भी बीजेपी के लोग शामिल हैं. अब नीट परीक्षा अब लीक परीक्षा हो गई है. उन्होंने कहा कि केवल 22 लाख बच्चे परीक्षा से दूर नहीं हुए हैं. उनके परिवारों को इससे परेशानी हुई है.
“बीएचयू में कोई क्वेश्चन पेपर आ गया है उसका सवाल भी टेढ़ामेढ़ा है। यह भारतीय जनता पार्टी की सोची समझी रणनीति है।”
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, लखनऊ pic.twitter.com/YUwu2lFOCj
— Samajwadi Party May 19, 2026
BHU के क्वेश्चन पेपर का विवादित सवाल
दरअसल, हाल ही में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में संपन्न हुई परीक्षा में ब्राह्मणवादी पितृसत्ता को लेकर पूछे गए सवाल पर ब्राह्मण महासभा ने आपत्ति जताई है. यूपी में इससे पहले भी परीक्षाओं में ब्राह्मण से जुड़े सवाल पूछे गए थे, जिसे ब्राह्मण अपमान मानते हुए प्रदेश में बवाल शुरू हो गया था. अब BHU के क्वेश्चन पेपर ब्राह्मणवादी पितृसत्ता को लेकर पूछे गए सवाल पर बवाल मचा हुआ है.
बढ़ती महंगाई और गिरते रुपये को लेकर सरकार पर साधा निशाना
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पेट्रोलडीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर भी बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी बताए कि गैस सिलेंडर महंगा क्यों हो गया, पेट्रोल महंगा क्यों हो गया. आखिर ऐसा क्या हुआ जो सरकार को इसे महंगा करना पड़ा. अखिलेश ने कहा कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए. सरकार इससे बच नहीं सकती है.
इस दौरान अखिलेश रुपये की होने वाली गिरावट को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार वह आंकड़ा देना क्यों भूल जाती है कि हमारा रुपया और कितना गिरेगा. अब लग रहा है रुपया की पाताल लोक की तरफ दिशा बन गई है.



