Thursday, February 26, 2026
Crime

लड़की बनकर अश्लील वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग, फिर पुलिस बनकर करते थे ठगी; पुलिस ने 20 लड़कों को दबोचा…!

लड़की बनकर अश्लील वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग, फिर पुलिस बनकर करते थे ठगी; पुलिस ने 20 लड़कों को दबोचा…!

शिवपुरी में पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गैंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों को जाल में फंसाता था.

लड़की बनकर अश्लील वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग, फिर पुलिस बनकर करते थे ठगी; पुलिस ने 20 लड़कों को दबोचा…!

शिवपुरी में पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन सेक्सटॉर्शन रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गैंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों को जाल में फंसाता था और फिर अश्लील वीडियो कॉल के जरिए उन्हें ब्लैकमेल करता था. मामले के खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था. पहले पीड़ित से दोस्ती, फिर वीडियो कॉल के दौरान रिकॉर्डिंग और उसके बाद खुद को पुलिस अधिकारी बताकर धमकी. यही इनका तयशुदा तरीका था. आरोपियों ने कई लोगों से इस तरह लाखों रुपये ऐंठे हैं.

कैसे रचते थे पूरा जाल?

पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर लड़की बनकर चैट शुरू करते थे. भरोसा कायम होने के बाद वे अश्लील वीडियो कॉल के लिए उकसाते और पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर लेते थे. इसके बाद गैंग का दूसरा सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित को फोन करता था और अश्लील वीडियो कॉल करने के आरोप में जेल भेजने की धमकी देता था. डर और सामाजिक बदनामी के भय से कई लोग उनकी मांग के अनुसार रकम ट्रांसफर कर देते थे. इस तरह गैंग ने बड़े पैमाने पर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया.

गैंग के मास्टरमाइंड कौन?

पुलिस ने इस मामले में कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरोह के मास्टरमाइंड के रूप में अंगद लोधी, विशाल लोधी, सुखदेव, अर्जुन और दीपक प्रजापति की पहचान हुई है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बाकी सदस्य दलाल के रूप में काम करते थे, जो शिकार ढूंढने और रकम वसूलने में मदद करते थे. जांच में खुलासा हुआ है कि इस फ्रॉड से मिलने वाली रकम में 80 प्रतिशत हिस्सा मास्टरमाइंड आपस में बांट लेते थे, जबकि 20 प्रतिशत दलालों को दिया जाता था.

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 गाड़ियां, 29 मोबाइल फोन और करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य का सामान जब्त किया है. पुलिस का मानना है कि जब्त किए गए मोबाइल और डिजिटल उपकरणों से कई और पीड़ितों की जानकारी मिल सकती है.

me.sumitji@gmail.com

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