Monday, March 9, 2026
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मिडिल ईस्ट में मचा कोहराम…कीमतों में लगी आग; भारत के पास तेल का कितना स्टॉक और कब तक चलेगा?!..

मिडिल ईस्ट में मचा कोहराम…कीमतों में लगी आग; भारत के पास तेल का कितना स्टॉक और कब तक चलेगा?!..
मिडिल ईस्ट में मचा कोहराम…कीमतों में लगी आग; भारत के पास तेल का कितना स्टॉक और कब तक चलेगा?!..

Crude Oil stock in India: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. ईरान पर इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमले के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति बन चुकी है. इस तनाव और लगातार बढ़ रहे संघर्ष के कारण फ्यूल सप्लाई को लेकर चिंता जताई जा रही है. भारत में भी क्रूड ऑयल के आयात और स्टॉक को लेकर चिंता बढ़ी है. पिछले दिनों देश में एलपीजी की कीमतों में इजाफा देखने को मिला. इसके बाद लोगों के मन में सवाल है कि क्या अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी उछाल आएगा?

इन सवालों के बीच एक सरकारी रिपोर्ट में बड़ी जानकारी सामने आई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में ऊर्जा की स्थिति फिलहाल मजबूत स्थिति में हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसमें बताया गया कि भारत के पास कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का कुल मिलाकर 25 करोड़ बैरल से ज्यादा का बफर स्टॉक मौजूद है. बताया जाता है कि यह लगभग 4000 करोड़ लीटर फ्यूल के बराबर है. इससे देश में तेल की सप्लाई कम से कम 7 से 8 हफ्तों तक चल सकती है.

देश में कहां-कहां तेल का स्टॉक?
समाचार एजेंसी एएनआई ने एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि देश में तेल के इस भंडार को अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षित रखा गया है. जिसमें मैंगलोर, पाडुर और विशाखापत्तनम में बने भूमिगत रणनीतिक तेल भंडार शामिल हैं. वहीं, जमीन पर बने बड़े टैंक, पाइपलाइन नेटवर्क और समुद्र में मौजूद जहाजों मे भी तेल का भंडार रखा जाता है.

सीमित सोर्स पर नहीं निर्भर है भारत
इस मामले पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी ऊर्जा खरीद की रणनीति को काफी बदल दिया है. भारत अब ऊर्जा के लिए सीमित सोर्स पर निर्भर नहीं रहा है. वर्तमान में भारत दुनिया के करीब 40 देशों से तेल आयात कर रहा है. इससे पहले भारत केवल 27 देशों तक सीमित था. हालिया रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की तेल की खरीद राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए तय करता है.

भारत के पास वैकल्पिक मार्ग
चूंकि, दुनिया के अहम समुद्री रास्तों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सामान्यतः तेल सप्लाई के संवेदनशील माना जाता है. ऐसे में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का केवल 40 प्रतिशत हिस्सा ही इस रास्ते के जरिए आता है. इसके अलावा 60 प्रतिशत तेल, रूस, पश्चिम अफ्रीका, अमेरिका और मध्य एशिया जैसे इलाकों से वैकल्पिक रास्तों से आता है.

क्या भारत के पास केवल 25 दिन का तेल भंडार?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि देश में केवल 25 दिनों का क्रू़ड ऑयल का स्टॉक बचा है, लकिन हालिया रिपोर्ट में उन दावों का खंडन किया गया है. नई रिपोर्ट में बताया गया कि व्यापक आपूर्ति श्रृंखला भंडार देश के बफर को काफी हद तक बढ़ाता है.

कितने देशों से तेल का होता है आयात?
रिपोर्ट में पता चलता है कि करीब 10 साल पहले तक भारत दुनिया के 27 देशों से तेल खरीदता था, लेकिन अब यह संख्या करीब 40 देशों तक पहुंच गई है, जिनसे भारत में तेल आयात किया जाता है.

भारत में कितना तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आता है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में माना जाता है. हालांकि, राहत वाली बात है कि भारत के कच्चे तेल के आयात का केवल 40% ही इस जलमार्ग से होकर गुजरता है. लगभग 60% अन्य मार्गों से भारत पहुंचता है.

क्या तेल की कीमतों में होगा इजाफा?
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच हाल में ही LPG की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है. इसके बाद लोगों के मन सवाल आया कि क्या पेट्रोल डीजल की कीमत भी बढ़ेंगी ऐसे में राहत वाली बात है कि तेल ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत नहीं हैं. चूंकि, देश में पर्याप्त स्टॉक है.

कौन सा देश भारत का सबसे बड़ा सप्लायर?
रिपोर्ट्स के अनुसार, फरवरी 2026 तक रूस भारत को सबसे अधिक कच्चा तेल सप्लाई करने वाला देश बना हुआ है. बताया जाता है कि भारत ने कभी भी किसी देश की अनुमति पर निर्भर होकर रूस से तेल नहीं खरीदा है. लेकिन भारत हमेशा से अंतरराष्ट्रीय नियमों और प्राइस कैप का पालन किया है.

कितनी है भारत में तेल की खपत?
इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत में रिफाइनिंग क्षमता अब 258 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंच गई हैं. वहीं, देश की खपत करीब 210 से 230 मिलियन मीट्रीक टन के बीच है.

me.sumitji@gmail.com

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