ईरान और इजराइल की जंग ने 10 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। इनमें से ज्यादातर खाड़ी के मुस्लिम देश हैं। अभी तक तो ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, क़तर और कुवैत जैसे देशों पर हमला कर रहा था। लेकिन जैसे ही सऊदी अरब पर हमला हुआ तो पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया। खबरें हैं कि सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको पर भी हमला हो गया। आपको बता दें कि अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी है। अरामको में आग लगी तो रूस और भारत ने मिलकर बहुत बड़ा खेल कर दिया है। खेल भी ऐसा जिसे देखकर आप चौंक जाएंगे। दरअसल ईरान चाहता है कि जो हमला उस पर हुआ है उसका असर कुछ देशों पर नहीं बल्कि अब पूरी दुनिया पर पड़ना चाहिए। ऐसे में एक बड़ा फैसला लेते हुए ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्ट्रेट ऑफ हरमूस यानी फारस की खाड़ी को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा कर दी है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ईरान ने कहा है कि अगर कोई भी देश गैस और तेल व्यापार के लिए फारस की खाड़ी का इस्तेमाल करेगा तो हम उसके जहाजों को उड़ा देंगे।
खबरें हैं कि इस वक्त फारस की खाड़ी के पास 700 से ज्यादा तेल टैंकर फंसे हुए हैं। क्रूड ऑयल की कीमतें अचानक 9.3% तक बढ़ गई हैं। क्रूड ऑयल 52 हफ्ते में सबसे ज्यादा महंगा हो गया है। आपको बता दें कि भारत अपनी घरेलू तेल जरूरतों का 85% हिस्सा इंपोर्ट करता है। इसका लगभग आधा क्रूड ऑयल भारत फारस की खाड़ी से ही मंगवाता है। लेकिन अब यह सब कुछ रुक जाएगा। क्योंकि फारस की खाड़ी बंद होते ही सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात का तेल और गैस अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक नहीं पहुंचेगा। इसी कड़ी में रूस और भारत ने तेल व्यापार को दोबारा बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। खबर है कि मौके का फायदा उठाते हुए रूस ने भारत से संपर्क किया है।
रूस एक बार फिर भारत के लिए सबसे बड़ा ऑयल सप्लायर बन सकता है। मजे की बात देखिए कि अमेरिका भारत पर वेनेजुएला का जो तेल खरीदने का दबाव बना रहा था, वह फिलहाल आता नहीं दिख रहा। इसके अलावा जब भारत ने हाल फिलहाल में रूस के तेल इंपोर्ट्स को थोड़ा कम किया था। तो रूस की जगह एक बार फिर सऊदी अरब भारत के लिए सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया था। लेकिन ईरान ने सऊदी अरब को ही ठोक दिया। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि रूस एक बार फिर भारत के लिए सबसे बड़ा ऑयल सप्लायर बन सकता है।



