
पूरी दुनिया इस समय इजरायल की संसद से आई दिलचस्प और ऐतिहासिक तस्वीर देख रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेसेट (इजरायली संसद) को संबोधित करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने. उन्हें संसद के सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट’ से सम्मानित किया गया. बोलने के लिए सदन में खड़े हुए तो भारत की तरह मोदी-मोदी के नारे गूंजने लगे. बाद में संबोधन के बाद आने लगे तो नेसेट के भीतर उनसे मिलने वालों की लाइन लग गई. हां, ऐसी लाइन कि वह 15 मिनट तक इजरायली सांसदों से घिरे रहे. आप इसे एक तरह का ‘जाम’ कह सकते हैं.
इजरायल के सत्तापक्ष और विपक्षी सांसद पीएम से हाथ मिला रहे थे. सेल्फी ले रहे थे. गले लग रहे थे. बातें कर रहे थे. इजरायल के पीएम भी अपने देश में मोदी का जलवा देखकर चकित होंगे. पीएम नेतन्याहू उस समय दाहिनी तरफ दूर थे और पीएम बाईं तरफ सांसदों से घिरे. पहले मोदी-मोदी की गूंज सुनिए.
इजरायली संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 7 अक्तूबर 2023 को हमास के आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा कि हम आपका दर्द महसूस कर सकते हैं. आमतौर पर पीएम विदेश में हिंदी में ही बोलते हैं लेकिन इजरायल की संसद में वह अंग्रेजी में बोले. पीएम ने जोर देकर कहा कि भारत पूरी मजबूती से इजरायल के साथ खड़ा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मोदी ने जिस लहजे में यह कहा, सभी सांसद खड़े होकर तालियां बजाने लगे. करीब 10 सेकेंड तक संसद में तालियां बजती रहीं. पीएम नेतन्याहू भी खड़े होकर ताली बजा रहे थे. मोदी ने साफ कहा कि आतंकवाद को किसी भी हाल में उचित नहीं ठहराया जा सकता. नीचे वीडियो देखिए.
स्पीच देकर जब पीएम स्पीकर के पास से लौटने लगे तो उन्हें उस रास्ते से जाने के लिए कहा गया जिधर रास्ता खाली मिलता लेकिन मोदी सांसदों से मिलने के लिए मुड़े. इजरायल के सांसदों ने उन्हें घेर लिया और सेल्फी का दौर शुरू हो गया. वीडियो देखिए कैसे इजरायल में पीएम से सेल्फी लेने वालों की भीड़ लग गई. सोशल मीडिया पर इजरायली संसद के भीतर के वीडियो अब वायरल हो रहे हैं.
बगल में पीएम मोदी बैठे थे और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह मित्र से बढ़कर हैं, वह मेरे भाई हैं.



