
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में घटित यह मामला समय के साथ एक ऐसा चर्चित हत्याकांड बन गया, जिसे आज भी अवैध संबंधों से जुड़े अपराधों के उदाहरण के तौर पर देखा जाता है। यह कहानी एक साधारण परिवार की है, जहां शक, प्यार और गुस्से ने मिलकर एक खौफनाक अंत लिखा।
मृतक की पहचान राजेश कश्यप के रूप में हुई थी। वह एक सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन उसकी शादीशुदा ज़िंदगी के भीतर एक ऐसा राज पल रहा था, जिसने आगे चलकर उसकी जान ले ली।
जांच में सामने आया कि राजेश की पत्नी रीता का लंबे समय से फईम नाम के युवक के साथ अवैध संबंध था। रीता अक्सर बहाने बनाकर घर से निकलती और प्रेमी से मिलती थी। शुरुआत में राजेश को इस पर कोई शक नहीं हुआ, लेकिन धीरे-धीरे हालात बदलने लगे।
जब राजेश को इस रिश्ते की जानकारी हुई, तो उसने खुलकर विरोध किया। उसने साफ शब्दों में प्रेमी को घर आने से मना कर दिया। यही विरोध आगे चलकर उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।
बताया जाता है कि पति की रोकटोक से रीता और उसका प्रेमी फईम दोनों ही नाराज हो गए। उन्होंने राजेश को अपने रास्ते की सबसे बड़ी बाधा मान लिया। इसके बाद एक साजिश रची गई, जिसमें फईम ने अपने दोस्त सुरेश को भी शामिल कर लिया।
जिस दिन वारदात को अंजाम दिया गया, वह एक सामान्य दिन जैसा ही था। लेकिन उसी दिन तीनों ने मिलकर राजेश कश्यप की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद सबसे बड़ी चुनौती शव को ठिकाने लगाने की थी, ताकि किसी को शक न हो।
कुछ समय बाद जोधुवाला गांव के पास स्थित एक सूखी नहर से एक शव बरामद हुआ, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शव की पहचान राजेश कश्यप के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
तफ्तीश के दौरान पुलिस की शक की सुई फईम और सुरेश पर जाकर रुकी। पूछताछ में फईम ने राजेश की पत्नी रीता से अवैध संबंध होने की बात स्वीकार कर ली। उसने यह भी कबूल किया कि पति उनके रिश्ते में रोड़ा बन रहा था, इसलिए उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस ने मामले में फईम और सुरेश को हिरासत में लिया, जबकि घटना के बाद से ही पत्नी रीता फरार हो गई थी। जांच के दौरान पुलिस को एक दुपट्टा, मोबाइल फोन और पर्स भी बरामद हुआ, जिनका इस्तेमाल वारदात में किए जाने की आशंका जताई गई।
इस पूरे मामले की जांच कोतवाली देहात क्षेत्र की पुलिस द्वारा की गई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हत्याकांड पूरी तरह से अवैध संबंधों और साजिश का नतीजा था।
यह केस आज भी उन घटनाओं में गिना जाता है, जो यह बताता है कि जब रिश्तों में भरोसा टूटता है, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है।






