Thursday, February 12, 2026
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जान बचाने के लिए पूरे घर में दौड़ा बेटा, फर्श और दीवारें खून से लाल-दहल गये लोग.!

जान बचाने के लिए पूरे घर में दौड़ा बेटा, फर्श और दीवारें खून से लाल-दहल गये लोग.!
जान बचाने के लिए पूरे घर में दौड़ा बेटा, फर्श और दीवारें खून से लाल-दहल गये लोग.!

फिरोजाबाद। यूपी के फिरोजाबाद जिले में बाप ने क्रूरता से मासूम बेटे को मार डाला। मासूम बच्चा आरोपी से जान बचाने के लिए पूरे घर में दौड़ा, लेकिन जान नहीं बच पाई। कातिल ने तड़पा-तड़पा कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घर की दीवारें और फर्श पर खून की छींटे मिली हैं।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक बाप ने अपने मासूम बेटे को काट डाला। इस दौरान जान बचाने के लिए मासूम बेटा मयंक बाप से बचने के लिए पूरे घर में दौड़ता रहा। हत्यारे बाप ने उसे तड़पा-तड़पा कर मौत के घाट उतार दिया। घर की दीवारें और फर्श पिता की क्रूरता की गवाही दे रहीं थीं।

सोमवार देर शाम तक पुलिस और एफएसएल की छानबीन में पता चला है कि 12 वर्षीय मासूम मयंक ने मौत से पहले काफी संघर्ष किया था। जब पिता ने हंसिए से हमला किया तो वह अपनी जान बचाने के लिए कमरे, रसोई और सीढ़ियों पर इधर-उधर भागा, जिसके कारण पूरे घर की दीवारों और फर्श पर खून के छींटे फैल गए।

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी राजेश कुमार ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। वह सोमवार को फैक्टरी में काम पर नहीं गया। सुबह उसकी बेटी महिमा ननिहाल से वापस आ गई थी। इससे राजेश की योजना में थोड़ी बाधा आई लेकिन उसने तब तक इंतजार किया जब तक महिमा दोपहर 2 बजे ट्यूशन नहीं चली गई।

पुलिस का मानना है कि राजेश को डर था कि अगर वह दोनों बच्चों पर एक साथ हमला करेगा तो शायद वे उस पर भारी पड़ जाएं इसलिए मयंक के अकेले होते ही उसने उस पर हमला कर दिया।

पुलिस का ब्लड रूटमैप आया काम, बक्से में मिला शव

मक्खनपुर इंस्पेक्टर चमन शर्मा ने बताया कि पुलिस को शुरुआत में मयंक का शव नहीं मिला था। घर में चप्पा-चप्पा छानने के दौरान पुलिस ने दीवारों और फर्श पर बिखरे रक्त के निशानों का एक रूटमैप तैयार किया। इन निशानों का पीछा करते हुए पुलिस स्टोर रूम में रखे बक्से तक पहुंची, जिसमें ताला लगा था। ताला तोड़ने पर अंदर मयंक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।

साक्ष्य मिटाने की नाकाम कोशिश

कातिल पिता ने अपनी करतूत छिपाने के लिए हर संभव कोशिश की थी। उसने हत्या के बाद बोरे से जगह-जगह से खून साफ किया और जिस बक्से में शव रखा था उसे भी पानी डालकर धोया ताकि बदबू या खून के निशान बाहर न आएं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, एफएसएल टीम ने सूक्ष्म निशानों के आधार पर पूरी वारदात का खुलासा कर दिया।

पिता ने हंसिया से ताबड़तोड़ वार कर 12 वर्षीय बेटे की हत्या की
फिरोजाबाद के मोहल्ला जिजौली में सोमवार को हंसिया से ताबड़तोड़ वार कर एक पिता ने अपने 12 वर्षीय बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद पिता ने बेटे मयंक के शव को घर में ही एक बक्से में बंद कर ताला लगा दिया और भाग निकला। पति-पत्नी के बीच घरेलू कलह के साथ लंबे समय से संपत्ति विवाद चल रहा था।

खाली प्लॉट में मिला हत्या में इस्तेमाल हंसिया
पुलिस को छानबीन के दौरान आरोपी पिता राजेश के घर के पीछे खाली प्लॉट में हत्या में इस्तेमाल हंसिया और खून से सना एक बोरा बरामद हुआ। पुलिस का मानना है कि हत्यारोपी राजेश ने इसी वजह से योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक मयंक की मां उर्मिला देवी निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। परिवार में पति राजेश कुमार राजपूत, 16 वर्षीय बेटी महिमा और 12 वर्षीय बेटा मयंक राजपूत थे।

उर्मिला के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे जब वह स्कूल से घर लौटीं तो सीढ़ियों से लेकर कमरों और रसोई तक फर्श और दीवारों पर खून बिखरा था। कक्षा पांच में पढ़ने वाला बेटा मयंक लापता था।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्टोर रूम में रखे एक बंद बक्से से मयंक का लहूलुहान शव बरामद किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि आरोपी पिता की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। बच्चे के मामा की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

me.sumitji@gmail.com

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