कभी बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोपों का सामना कर चुके तारिक रहमान अब देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। 2004 के ग्रेनेड हमले को लेकर उन पर साजिश रचने का आरोप लगा था। हालांकि बाद में उन्हें अदालत से राहत मिल गई और अब सालों के निर्वासन के बाद वही तारिक रहमान सत्ता के सबसे ऊंचे पद तक पहुंचने की दहलीज पर खड़े हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक तारिक रहमान पर दर्जनों अपराधिक और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों समेत लगभग 84 केस थे। अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद कानूनी माहौल में काफी बदलाव देखा गया और 2026 की शुरुआत तक ज्यादातर बड़े मामलों में उन्हें बरी कर दिया गया। इसमें 2004 में शेख हसीना की रैली पर हुए ग्रेनेड हमले का मामला भी शामिल है। जिसमें उन्हें 2018 में उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी।
देश के इतिहास में यह पहली बार है, जब शेख हसीना की पार्टी चुनाव में नहीं है। यह अवामी लीग का अपना फैसला नहीं था, बल्कि उस पर थोपा गया। जो पार्टी बांग्लादेश की मुक्ति से लेकर अभी तक, उसके हर राजनीतिक-सामाजिक बदलाव की साक्षी रही है, उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से दूर करना सही तो नहीं कहा जा सकता। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बीएनपी या जमात सत्ता में जो भी आए, उसके ऊपर सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी देश की जनता की ख्वाहिशों को पूरा करने की। अंतरिम सरकार आम लोगों में भरोसा जगाने में असफल रही है। चुनाव में बीएनपी की जीत तय मानी जा रही है। अगर ऐसा होता है तो उसके सामने जनता की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती होगी।
BNP या जमात सत्ता में जो भी तरह के आरोप लगते हैं, तो तमाम तरह की शंकाएं सिर उठाएंगी। आए, उसके ऊपर सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी देश की जनता की ख्वाहिशों को पूरा करने की। अंतरिम सरकार आम लोगों में भरोसा जगाने में असफल रही है। चुनाव में BNP की जीत तय मानी जा रही है। अगर ऐसा होता है तो उसके सामने जनता की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती होगी।





