
Monkey Funeral Rites: कहते हैं अगर किसी से प्रेम हो जाए तो उसके लिए व्यक्ति कुछ भी करने को तैयार हो जाता है. भले ही वो जानवर क्यों न हो अगर हम उसके साथ रहते हैं या रोजाना उस जानवर से हमें प्यार मिले और हम भी उसके लिए कुछ करें, तो बदले में कुछ अच्छा करने का ही विचार आता है. बिल्ली-कुत्तों को तो लोग घर में पालते हैं और उनके लिए बहुत करते भी हैं लेकिन जो किस्सा आज हम आपको बताने जा रहे हैं उसे जानकर हैरान हो सकते हैं. हाल ही में एक गांव से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जहां पूरे गांव के पुरुष इसलिए गंजे हुए क्योंकि उनके यहां के बंदर की मौत हो गई.
आवारा कुत्ते ने ली बंदर की जान
महाराष्ट्र के धुले जिले के बलदे गांव से ये मामला सामने आया है. 23 अगस्त 2025 को गांव में एक आवारा कुत्ते ने बंदर पर हमला किया जिससे वो बुरी तरह घायल हो गया और जंगल की तरफ भाग गया. ऐसे में बंदर का इलाज न हो सका और उस वजह से बंदर की मौत हो गई.
गांव में 5 दिनों तक शोक का माहौल
गांव के एक व्यक्ति को जंगल में बंदर दिखा और देखने पर पता चला कि उसकी मौत हो गई है. इसकी खबर शख्स ने पूरे गांव वालों तक पहुंचा दी. इसे जानकर सभी दुखी हो गए और गांव में शोक का माहौल बन गया. बंदर की मृत्यु के कारण 5 दिनों तक गांव में शोक रहा. सभी ने बंदर को श्रद्धांजलि देने के लिहाज से अपने-अपने तरीके से दुख जताया.
गांव के पुरुषों ने मुंडवाया सिर
गांव के हनुमान मंदिर में बंदर के लिए दशक्रिया अनुष्ठान रखा गया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ये कार्यक्रम किसी इंसान की मौत के बाद किया जाता है लेकिन यहां पर एक बंदर की मृत्यु होने पर कर्मकांड किया गया. इस दौरान लगभग 3000 आबादी ने हिस्सा लिया. इस दौरान पुरुषों नें सिर मुंडवा कर बंदर की मृत्यु को लेकर दुख प्रकट किया.
क्या रही वजह?
बंदर की मौत के बाद गांव वालों का इस तरह से दुख जताने की वजह ये थी कि वहां के लोगों के लिए बंदर कोई जानवर नहीं था बल्कि वो एक घर के सदस्य की तरह था. इस वजह से गांव वालों ने एक परिवार का सदस्य समझते हुए ठीक वैसे ही धार्मिक रीति-रिवाजों को अपनाकर बंदर का अंतिम संस्कार किया जैसे किसी इंसान का किया जाता है.





