Sunday, March 15, 2026
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साल की सबसे भारी अमावस्या! पंचक के साये में ‘भूतड़ी अमावस्या’, जानें क्यों डर रहे हैं लोग?!..

साल की सबसे भारी अमावस्या! पंचक के साये में ‘भूतड़ी अमावस्या’, जानें क्यों डर रहे हैं लोग?!..
साल की सबसे भारी अमावस्या! पंचक के साये में ‘भूतड़ी अमावस्या’, जानें क्यों डर रहे हैं लोग?!..

चैत्र अमावस्‍या हिंदू कैलेंडर का आखिरी दिन होता है. इसके अगले दिन चैत्र शुक्‍ल प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष शुरू होता है. नवरात्रि भी इसी दिन से शुरू होती हैं और गुड़ी पड़वा पर्व मनाया जाता है. जिसे महाराष्‍ट्र में गुड़ी पाड़वा कहा जाता है. इस साल नवरात्रि पंचक में शुरू हो रही हैं. इससे भी ज्‍यादा चिंताजनक बात यह है कि चैत्र अमावस्‍या कई अशुभ योगों में पड़ रही है.

अमावस्‍या के दिन पंचक का साया रहेगा, जिसे अशुभ समय माना जाता है. उस पर इसी दिन हिंदू वर्ष खत्‍म होगा और भूतड़ी अमावस्‍या रहेगी. इसलिए लोगों में इसे लेकर डर की भावना होना लाजिमी है. पंचांग के अनुसार 16 मार्च 2026 (सोमवार) की शाम 06:14 बजे से पंचक प्रारंभ होंगे और 21 मार्च 2026 (शनिवार) की तड़के सुबह 02:27 बजे समाप्‍त होंगे.

अमावस्‍या की तारीख को लेकर उलझन
मार्च में भी अमावस्‍या तिथि 2 दिन पड़ रही है. 18 मार्च 2026, बुधवार की सुबह 8 बजकर 26 मिनट पर अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी और 19 मार्च 2026, गुरुवार को सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर अमावस्या तिथि समाप्त हो जाएगी. चूंकि 19 मार्च की सुबह संवत पूर्ण माना जाएगा इसलिए चैत्र नवरात्रि की शुरुआत और घटस्‍थापना 19 मार्च को ही करना शास्‍त्र सम्‍मत होगा.

इस अमावस्‍या ना करें ये गलतियां
ऐसे में 18 मार्च को भूतड़ी अमावस्‍या के दिन विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. चूंकि पंचक में यात्रा करना (विशेष तौर पर दक्षिण दिशा की यात्रा) अशुभ माना जाता है. वहीं अमावस्‍या के दिन भी सुनसान जगह जाने से बचना चाहिए. रात को बाहर निकलने से बचें क्‍योंकि भूतड़ी अमावस्‍या की रात तंत्र-मंत्र के लिए विशेष होती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लिहाजा 18 मार्च को यात्रा टालना बेहतर होगा. इसके अलावा इस दिन गल‍ती से भी कोई शुभ कार्य ना करें. ना ही महत्‍वपूर्ण निर्णय लें.

me.sumitji@gmail.com

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