Thursday, March 19, 2026
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10 बजे पहली सैलरी, 10:05 परˈ इस्तीफा, कर्मचारी की इस हरकत से कंपनी को आया चक्करˌ

10 बजे पहली सैलरी, 10:05 परˈ इस्तीफा, कर्मचारी की इस हरकत से कंपनी को आया चक्करˌ
10 बजे पहली सैलरी, 10:05 परˈ इस्तीफा, कर्मचारी की इस हरकत से कंपनी को आया चक्करˌ

लिंक्डइन पर एक भारतीय एचआर प्रोफेशनल की पोस्ट ने सोशल मीडिया पर जोरदार बहस छेड़ दी है। पोस्ट में दावा किया गया कि एक कर्मचारी ने अपना पहला वेतन मिलने के महज पांच मिनट बाद इस्तीफा दे दिया। पोस्ट के मुताबिक, “सुबह 10:00 बजे वेतन क्रेडिट हुआ, 10:05 बजे इस्तीफे का ईमेल आ गया।” एचआर ने लिखा कि कंपनी ने इस कर्मचारी के ऑनबोर्डिंग में घंटों लगाए और टीम ने उसे प्रशिक्षित करने में कई हफ्ते बिताए, लेकिन वेतन आते ही उसने नौकरी छोड़ दी।

एचआर प्रोफेशनल ने इस घटना को पेशेवर नैतिकता की कमी बताते हुए लिखा, “कंपनी ने आपको स्वागत किया, भरोसा किया और बढ़ने का मंच दिया। लेकिन आपने पहला वेतन खाते में आते ही कंपनी छोड़ दी। क्या यह उचित था? क्या यह नैतिक था?”

उन्होंने आगे कहा, “अगर कुछ ठीक नहीं लग रहा था तो आप बात कर सकते थे, मदद मांग सकते थे, स्पष्टता ले सकते थे। लेकिन सोच-समझकर बाहर निकलना चाहिए था, न कि सुविधानुसार। कोई नौकरी ‘आसान’ नहीं होती। हर भूमिका में प्रतिबद्धता, धैर्य और मेहनत लगती है। पहला वेतन आपका विकास नहीं लाता। विकास धैर्य और लगन से आता है।”

इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर मिले-जुले विचार सामने आए। कुछ लोगों ने एचआर का समर्थन किया, तो कईयों ने कर्मचारी का पक्ष लिया। क यूजर ने लिखा, “जब कंपनियां अपने कर्मचारियों को प्राथमिकता देंगी, तब कर्मचारी भी कंपनियों को प्राथमिकता देंगे।” दूसरे ने कहा “एथिक्स? ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वेतन तो पहले से किए गए काम के बदले दिया जाता है, न कि दान में या अग्रिम में। अगर कोई वेतन मिलने के बाद इस्तीफा देता है, तो इसका मतलब है कि उसने उस महीने की जिम्मेदारी पूरी कर दी।”

कुछ ने कंपनियों द्वारा अचानक निकाले जाने का मुद्दा उठाया। एक यूज़र ने लिखा, “महीने के बीच में बिना नोटिस या स्पष्टीकरण के कर्मचारियों को निकालना कैसे सही है?”

me.sumitji@gmail.com

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