
नस पर नस चढ़ना आजकल एक आम समस्या बन गई है। कई लोग खासकर रात में सोते समय पैरों में अचानक तेज ऐंठन (Muscle Cramp) महसूस करते हैं। इसके साथ जलन, सुन्नपन, झनझनाहट या सुई चुभने जैसा एहसास भी हो सकता है।
अक्सर लोग तुरंत दर्द निवारक दवा ले लेते हैं, लेकिन असली कारण जानने की कोशिश नहीं करते। याद रखें — पेन किलर केवल दर्द दबाते हैं, समस्या की जड़ खत्म नहीं करते।
मांसपेशियों में ऐंठन क्यों होती है?
मांसपेशियों में ऐंठन के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- गलत तरीके से बैठना या सोना
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना
- शरीर में पानी की कमी
- सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम या मैग्नीशियम की कमी
- अनियंत्रित मधुमेह
- अत्यधिक व्यायाम या कठोर श्रम
- नसों की कमजोरी (Poly-neuropathy)
- कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट
- धूम्रपान, शराब और तंबाकू का अधिक सेवन
सामान्य लक्षण
यदि आपको बार-बार नस चढ़ने की समस्या होती है, तो ये लक्षण दिख सकते हैं:
- हाथ-पैर सुन्न होना
- पिंडलियों या जांघों में ऐंठन
- सुई चुभने जैसा एहसास
- मांसपेशियों में फड़कन
- चलने में असंतुलन
- जल्दी थकान होना
- रात में बेचैनी या नींद खराब होना
तुरंत राहत के घरेलू उपाय
✔️ उंगली दबाने का तरीका
जिस पैर में नस चढ़ी हो, उसी तरफ के हाथ की बीच वाली उंगली के नाखून के नीचे हल्का दबाव दें और छोड़ें। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कुछ देर करने से राहत मिल सकती है।
✔️ कान के नीचे दबाव
जिस तरफ नस चढ़ी हो, उसके विपरीत तरफ कान के नीचे वाले जोड़ पर 10 सेकंड तक हल्का दबाव दें।
✔️ ठंडी या गर्म सिकाई
- 15 मिनट बर्फ की सिकाई करें
- या 3–5 मिनट गर्म और ठंडी सिकाई बारी-बारी करें
✔️ हल्की स्ट्रेचिंग और मालिश
ऐंठन वाली मांसपेशी को धीरे-धीरे खींचें और हल्की मालिश करें।
✔️ पैरों को ऊंचा रखें
सोते समय पैरों के नीचे तकिया रखें।
जीवनशैली में जरूरी बदलाव
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें
- रोजाना वॉक या हल्की जॉगिंग करें
- वजन नियंत्रित रखें
- आरामदायक जूते पहनें
- शराब, तंबाकू और सिगरेट से दूर रहें
- मधुमेह और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखें
क्या खाएं?
डाइट में ये चीजें शामिल करें:
फल:
नींबू पानी, नारियल पानी, मौसमी, अनार, सेब, पपीता, केला
सब्जियां:
पालक, टमाटर, गाजर, चुकंदर, सलाद, फलियां
ड्राई फ्रूट्स (रोजाना सीमित मात्रा में):
- 2–3 अखरोट
- 2–5 पिस्ता
- 5–10 बादाम
- 5–10 किशमिश
⚠️ जरूरी सावधानी
यदि ऐंठन बहुत बार हो रही है, लगातार दर्द रहता है, या साथ में कमजोरी/सुन्नपन बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से जरूर जांच कराएं। यह किसी अन्य बीमारी का संकेत भी हो सकता है।






