
साइबर सिटी गुरुग्राम की सड़कों पर एक बार फिर रईसजादों की बेलगाम रफ्तार ने एक मासूम युवक की जिंदगी को दांव पर लगा दिया है. सेक्टर-43 स्थित सुपरमार्ट-2 के पास एक सफेद रंग की महिंद्रा थार ने डिलीवरी बॉय को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वह हवा में कई फीट उछलकर सड़क पर जा गिरा. आरोप है कि जब लोग इसका वीडियो बनाने लगे तो पुलिस वाले जबरन उन वीडियो को डिलीट करवाने लगे. मगर पुलिस की इस बहसबाजी का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया.
इस हादसे ने न केवल शहर की सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि मौके पर पहुंची पुलिस की कार्यप्रणाली को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा बेहद खौफनाक था. सफेद थार गलत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही थी. सामने से आ रहे डिलीवरी बॉय को संभलने का मौका तक नहीं मिला. टक्कर इतनी भीषण थी कि डिलीवरी बॉय गंभीर रूप से घायल हो गया. राहगीरों ने तुरंत सक्रियता दिखाई और उसे ब्लिंकिट एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.
पुलिस पर वीडियो डिलीट करवाने का आरोप
हादसे के बाद जब राहगीरों ने थार चालक की लापरवाही का विरोध करना शुरू किया और अपने मोबाइल से वीडियो बनाने लगे, तो मौके पर पहुंची पुलिस टीम का व्यवहार हैरान करने वाला था. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने राहगीरों को वीडियो बनाने से बलपूर्वक रोका. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लोगों को डराया-धमकाया गया और उनके फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो जबरन डिलीट करवाए गए. स्थानीय लोगों का दावा है कि पुलिस ने रईसजादे ड्राइवर को पकड़ने के बजाय उसे मौके से फरार होने का मौका दिया.
सोशल मीडिया पर वायरल हो गया वीडियो
मगर एक राहगीर ने पुलिसकर्मियों से बहस करते हुए पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. यह वीडियो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है. यूजर्स इस पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इसे पैसे और पॉवर का खेल बता रहे हैं. लोगों का कहना है कि अगर यह वीडियो सामने नहीं आता, तो शायद यह मामला रफा-दफा कर दिया जाता.
सड़कों पर असुरक्षित होते डिलीवरी बॉय
गुरुग्राम में डिलीवरी बॉय के साथ होने वाले हादसों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है. पिछले हफ्ते उद्योग विहार के पीपल चौक पर एक ट्रक ने डिलीवरी बॉय को कुचल दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी.
निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी
शहर के नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर थार चालक की पहचान की जाए और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. साथ ही, वीडियो डिलीट कराने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए.





