Thursday, March 12, 2026
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कपल को आया कॉल कहा- जयˈ हिंद जय भारतीय सेना… फिर अकाउंट से गायब हो गए 200000ˌ

कपल को आया कॉल कहा- जयˈ हिंद जय भारतीय सेना… फिर अकाउंट से गायब हो गए 200000ˌ
कपल को आया कॉल कहा- जयˈ हिंद जय भारतीय सेना… फिर अकाउंट से गायब हो गए 200000ˌ

बेंगलुरु के बांदीपल्या में रहने वाली हरिणी (बदला हुआ नाम) को एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक मैसेज मिला. इस ग्रुप में देश भर के प्रशिक्षक शामिल थे जिसमें अक्सर नौकरी के अवसरों की जानकारी शेयर की जाती थी. एक दिन ग्रुप में मैसेज आया कि बेंगलुरु का आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) में अनुशासन और संचार कौशल के लिए एक प्रशिक्षक की तलाश में है. साथ ही एक एक फोन नंबर भी दिया गया था.

हरिणी ने उत्साह में उस नंबर पर कॉल किया. दूसरी ओर से एक व्यक्ति ने खुद को एपीएस का प्रशासनिक कर्मचारी बताया. उसने नौकरी की आवश्यकताओं को समझाया और हरिणी की फीस पर चर्चा की दो घंटे के काम के लिए प्रति घंटे 5,000 रुपये. उसने वादा किया कि स्कूल का प्रभारी जल्द ही उनसे संपर्क करेगा. हरिणी को यह अवसर सुनहरा लगा.

जल्द ही एक और नंबर से व्हाट्सएप वॉयस कॉल आया. कॉल करने वाले ने दावा किया कि वह एमजी रोड पर स्थित एपीएस कैंपस से बोल रहा है. उसने हरिणी की प्रोफाइल की तारीफ की और कहा कि स्कूल उनकी सेवाएं लेना चाहता है. लेकिन उसने एक ‘प्रोटोकॉल’ की बात की. चूंकि यह एक सैन्य संस्थान था हरिणी को वेंडर के रूप में पंजीकरण करना होगा. विश्वास में आकर हरिणी ने अपनी आधार नंबर शेयर कर दी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद ठग ने अगला कदम बताया डिजिटल भुगतान पंजीकरण. उसने कहा कि हरिणी को अपना यूपीआई आईडी लिंक करना होगा और एक ओटीपी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. हरिणी ने निर्देशों का पालन किया और ओटीपी के साथ अपना पिन डाला. कुछ ही सेकंड में उनके खाते से 26,000 रुपये निकाल लिए गए.

हरिणी ने जब विरोध किया तो ठग ने उन्हें कॉल पर बनाए रखा. अपनी बात को विश्वसनीय बनाने के लिए उसने एक नकली सैन्य आईडी भेजी और बार-बार देशभक्ति का सहारा लिया. ‘जय हिंद’, ‘जय इंडियन आर्मी’ इस बात से हरिणी को उस आदमी पर पूरा भरोसा हो गया. इसके बाद ठग ने एक वैकल्पिक फोन नंबर मांगा. हरिणी ने अपने पति दिनेश का नंबर दे दिया. लेकिन ठगों ने वही चाल दिनेश के साथ दोहराई. देशभक्ति की भावनाओं का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने दिनेश को भी उसी प्रक्रिया में फंसाया. इस बार चार लेनदेन में उनके खाते से लगभग 1.9 लाख रुपये निकाल लिए गए.

एक घंटे के भीतर दंपति ने 2.1 लाख रुपये से अधिक गंवा दिए. सदमे में डूबे दिनेश ने शुक्रवार को बांदीपल्या पुलिस में शिकायत दर्ज की. दंपति ने अपने बैंक और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन (1930) से भी संपर्क किया. पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मामला दर्ज किया और ठगों के खातों को फ्रीज करने की कोशिश शुरू की.

me.sumitji@gmail.com

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