वाशिंगटन पोस्ट की शनिवार की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी युद्ध के पांचवें हफ्ते में प्रवेश करने के साथ ही अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ईरान के खिलाफ एक नई सैन्य रणनीति पर काम कर रहा है। इस योजना के तहत ईरान के महत्वपूर्ण तटीय क्षेत्रों और रणनीतिक द्वीपों पर कई हफ्तों तक चलने वाले जमीनी सैन्य अभियान और छापे शामिल हो सकते हैं।
खोजो और नष्ट करो अभियान
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि इन छापों का मुख्य उद्देश्य उन हथियारों को ढूंढकर नष्ट करना है, जो वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों के लिए खतरा बने हुए हैं। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के पास के तटीय इलाकों को निशाना बनाने की तैयारी है, जिसे युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर रखा है।
खारग द्वीप पर कब्जे की संभावना
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ईरान के सबसे बड़े तेल टर्मिनल वाले खारग द्वीप पर कब्जा करने की संभावना पर भी गंभीरता से चर्चा कर रहा है। यह द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। पेंटागन की इस योजना में विशेष अभियान बल और पारंपरिक पैदल सेना के सैनिकों का उपयोग किया जा सकता है।
क्या राष्ट्रपति ट्रंप देंगे मंजूरी?
हालांकि ये सैन्य योजनाएं तैयार हैं, लेकिन रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इन योजनाओं को अंतिम मंजूरी देंगे या नहीं, यह अभी अनिश्चित है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह भी साफ किया गया है कि प्रस्तावित जमीनी अभियान किसी पूर्ण पैमाने पर आक्रमण का हिस्सा नहीं होंगे, बल्कि ये सीमित समय के लिए किए जाने वाले रणनीतिक हमले होंगे।





