
LPG Crisis News: ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने से भारत में गैस की किल्लत ने मुश्किल बढ़ा दी. एलपीजी संकट के बीच सरकार को कमर्शियल सिलेंडरों सप्लाई रोकनी पड़ी थी. गैस सिलेंडर के नियम बदले गए, ECA एक्ट लगा दिया गया. सिलेंडर के लिए लोगों में अफरा-तफरी वाली स्थिति देखने को मिली. लोगों को तय सरकारी कीमतों से अधिक रेट पर सिलेंडर खरीदने पर मजबूर होना पड़ा, लेकिन अब यह गैस संकट जल्द खत्म हो जाएगा. भारत की कूटनीतिक रणनीति की बदौलत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के पहरे और खतरे के बीच से तिरंगा लहराते हुए दो भारतीय जहाज गैस लेकर भारत पहुंच चुके हैं. सोमवार को शिवालिक गुजरात मुंद्रा पोर्ट पहुंचा, तो अब मंगलवार, 17 मार्च को ‘नंदा देवी’ जहाज भी भारत पहुंच गया है. युद्ध प्रभावित संवेदनशील होर्मुज को पार करते हुए 44000 मीट्रिक टन से ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर यह शिप गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पर पहुंच गया है.
भारत आया ‘नंदा देवी’ जहाज
कल शिवालिक जहाज के पहुंचने के बाद, आज नंदा देवी जहाज वडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया. इस जहाज पर लदे LPG का आधा हिस्सा वडीनार बंदरगाह पर उतारा जाएगा, बाकी आधा हिस्सा तमिलनाडु के बंदरगाह पर भेजा जाएगा. गैस को समुद्र के बीचोंबीच, एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर किया जाएगा. यह जहाज 1 मार्च को कतर के रास लाफान से गैस लेकर रवाना हुआ था. होर्मुज संकट की वजह से इसे भारत पहुंचने में थोड़ी देरी हुई. दो हफ्ते का सफर तय कर अब ये भारत पहुंच चुका है. शिवालिक और नंदा देवी पर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लदे हैं और दोनों जहाज सरकारी स्वामित्व वाली शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पढ़ें- LPG के बाद अब दूध संकट ! सिर्फ 10 दिन का पैकिंग स्टॉक बचा, गैस किल्लत के बीच डेयरी सेक्टर की टेंशन बढ़ी
नंदा देवी के पीछे-पीछे आ रहा ‘जग लाडकी’
नंदा देवी और शिवालिक के पीछे-पीछे एक और जहाज भारत की ओर बढ़ रहा है. सऊदी अरब अमीरात से 80800 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर जग लाडकी जहाज भारत की ओर बढ़ रहा है. ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन टूट चुका है, भारत अपने रिजर्व भंडार से तेल और गैस की जरूरतों को पूरा कर रहा है. ऐसे वक्त में तेल और गैस के ये जहाज भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. भारत ने अपनी मजबूत डिप्लोमेसी की बदौलत इन जहाजों को होर्मुज पार कराने में सफलता हासिल की है. जो बाकी कोई देश नहीं कर पा रहा है, वो भारत ने कर दिखाया है. अभी भी भारत के 22 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने के इंतजार में वहां फंसे हुए है. भारत की ओर से लगातार ईरान से बातचीत चल रही है, ताकि भारतीय जहाजों को इस रास्ते को पार करने की इजाजत मिल सके और जहाज तेल और गैस लेकर भारत पहुंच सकें.



