अयोध्या। चढ़ावा चोरी के आरोपी और विपक्षी नेता के बीच कथित फोन कॉल के दावे को विपक्ष ने फर्जी बताते हुए कई लोगों के खिलाफ शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है। विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव की ओर से सपा प्रमुख अखिलेश यादव को 980 कॉल किए जाने के दावे पर सियासत तेज हो गई है। सपा ने इसे सुनियोजित दुष्प्रचार करार देते हुए सांसद निशिकांत दुबे समेत कई लोगों के खिलाफ कोतवाली नगर में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
सपा के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा प्रसारित किया गया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव ने पिछले ढाई वर्षों में अखिलेश यादव से 980 बार बातचीत की थी।
तहरीर में इस दावे को पूरी तरह फर्जी, भ्रामक और तथ्यों से परे बताते हुए कहा गया है कि इसका उद्देश्य अखिलेश यादव और सपा की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना है।
दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट कर कार्रवाई की मांग
शिकायत में सांसद निशिकांत दुबे, प्रियंकर राय, अखिलेश सिंह, एक टीवी चैनल व अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर इस भ्रामक सामग्री को प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है। कहा कि कूटरचित और असत्य जानकारी के जरिये जनता को गुमराह करने और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई है। पुलिस से पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट, पोस्ट और प्रसारित सामग्री की सत्यता की पड़ताल करने व दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
उधर, पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि पूरा देश जानता है कि राम मंदिर में भाजपा, संघ और विहिप से जुड़े लोगों ने चढ़ावा चोरी की है। ऐसे में भाजपा के लोग टिन्नू यादव को सपा प्रमुख से जोड़कर अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं और जनता का ध्यान भटकाना चाह रहे हैं।
केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। यदि टिन्नू की अखिलेश यादव से एक भी बार बात हुई हो तो इसके प्रमाण उपलब्ध कराए जाएं। वहीं, नगर कोतवाल मनोज शर्मा ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



