
10 February Weather: दिल्ली-एनसीआर में इस बार कुदरत के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. फरवरी का अभी दूसरा सप्ताह ही चल रहा है, लेकिन सर्दी के विदा होने और गर्मी के आगमन के संकेत मिलने लगे हैं. दिल्ली की सड़कों पर अब लोग भारी-भरकम स्वेटर और जैकेटों को पैक कर हल्के कपड़ों में नजर आने लगे हैं. दोपहर की तीखी धूप अब लोगों को परेशान करने लगी है, जिससे स्पष्ट है कि इस साल गर्मी समय से पहले दस्तक दे चुकी है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 15 फरवरी तक दिल्ली का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है. पारा धीरे-धीरे 30 डिग्री की ओर बढ़ रहा है, जो सामान्य से अधिक है. न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिसके 13 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है. हालांकि, रात के समय अभी भी हल्की ठंडक बनी हुई है, लेकिन कड़ाके वाली सर्दी अब बीते दिनों की बात हो गई है.
हवा की रफ्तार में भी गिरावट आई है. पिछले 24 घंटों में जो हवाएं 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं, उनकी गति अब घटकर 17 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई है. आसमान साफ होने की वजह से धूप का सीधा असर बढ़ गया है, जिससे दोपहर के समय गर्मी का अहसास और अधिक तीखा हो गया है.
उत्तर प्रदेश का हाल
यूपी के मौसम में विरोधाभास बना हुआ है. एक तरफ दिल्ली से सटे इलाकों में गर्मी बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ मौसम विभाग ने गोरखपुर, बरेली और पीलीभीत सहित 24 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है. हालांकि, पछुआ हवाओं के चलने से कोहरे की परत पतली हो रही है और दृश्यता में सुधार की उम्मीद है.
राजस्थान का मौसम
राजस्थान में कड़ाके की ठंड अब विदा ले रही है. पश्चिमी राजस्थान में सूरज के तेवर तीखे हो गए हैं और अधिकतम तापमान में 1 से 4 डिग्री का उछाल देखा गया है. राज्य में अगले एक हफ्ते तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
बिहार और झारखंड
बिहार के उत्तरी हिस्सों जैसे सुपौल और मुजफ्फरपुर में अभी भी घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित है. वहीं, झारखंड के रांची और हजारीबाग जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 7-9 डिग्री के बीच रहने से कनकनी बनी हुई है, जबकि दक्षिणी जिलों में तापमान बढ़ने लगा है.
हिमाचल और उत्तराखंड
स्काईमेट वेदर के अनुसार, पहाड़ों पर 9 और 16 फरवरी को दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो रहे हैं. इसके प्रभाव से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों (जैसे लाहौल-स्पीति, चम्बा, उत्तरकाशी और चमोली) में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है.
लेकिन, मैदानी इलाकों के लिए खबर यह है कि अब कड़ाके की सर्दी का यू-टर्न मुमकिन नहीं है. उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत का मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा. पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी का असर केवल तापमान में हल्की गिरावट या सुबह-शाम की ठंडक तक सीमित रहेगा.
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