Friday, February 13, 2026
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एक ऐसाˈ अनोखा तालाब, जहां मछलियों को रोजाना खिलाई जाती है 5,000 किलो मिर्च, वजह जान दिमाग घूम जाएगाˌ

एक ऐसाˈ अनोखा तालाब, जहां मछलियों को रोजाना खिलाई जाती है 5,000 किलो मिर्च, वजह जान दिमाग घूम जाएगाˌ
एक ऐसाˈ अनोखा तालाब, जहां मछलियों को रोजाना खिलाई जाती है 5,000 किलो मिर्च, वजह जान दिमाग घूम जाएगाˌ

दुनिया में खेती-पानी से जुड़ी कई अनोखी बातें सुनने को मिलती हैं, लेकिन चीन के इस तालाब की कहानी सच में चौंका देती है. आपने शायद कभी मिर्च पसंद करने वाले इंसान देखे होंगे, लेकिन क्या आपने मिर्च खाने वाली मछलियां सुनी हैं? चीन में एक ऐसा तालाब है जहां रोजाना 5,000 किलो लाल मिर्च मछलियों को खिलाई जाती है—हां, बिल्कुल सही पढ़ा आपने! यही वजह है कि यह तालाब इंटरनेट पर धूम मचा रहा है. अब आइए जानते हैं, इस तालाब के बारे में विस्तार से.

दरअसल, चीन के चांग्शा (हुनान प्रांत) में एक 10 एकड़ का मछली तालाब है जो इन दिनों सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में है. कारण बेहद अनोखा है यहां की मछलियों को रोजाना अलग-अलग तरह की ताजी लाल मिर्चें खिलाई जाती हैं. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, इस तालाब को दो लोग मिलकर चलाते हैं- जियांग शेंग, 40 साल के अनुभवी मछली पालक और उनके स्कूल के समय के दोस्त कुआंग के दोनों का कहना है कि तालाब में करीब 2,000 से ज्यादा मछलियां हैं और ये हर दिन बड़ी मात्रा में मिर्च खाती हैं.

रोजाना 5,000 किलो मिर्च
SCMP के अनुसार, मछलियों को भी इंसानों वाली ही मिर्चें खिलाई जाती हैं- कोन पेपर (Cone peppers) और मिलेट पेपर (Millet peppers) मिर्च खाने से मछलियों के शरीर का शेप और भी अच्छा हो जाता है, मांस ज्यादा स्वादिष्ट और सॉफ्ट बनता है और मछलियों की स्केल्स चमकदार और सुनहरी दिखती हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शुरुआत में मछलियां मिर्च खाने से हिचकती थीं, लेकिन अब वो घास से ज्यादा मिर्च पसंद करती हैं.

मछलियों को मिर्च से नुकसान नहीं होता?
SCMP के अनुसार, मछली पालने वाले जियांग बताते हैं मछलियों के टेस्ट बड्स इंसानों जैसे नहीं होते. वो स्वाद से ज्यादा सूंघकर खाना पहचानती हैं. इसलिए तीखापन उन्हें परेशान नहीं करता. वो कहते हैं कि मिर्च में मौजूद विटामिन और कैप्सैसिन मछलियों के लिए फायदेमंद हैं. इससे मछलियों का पाचन बेहतर होता है, ग्रोथ भी तेजी से होती है, बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और परजीवी मछली के शरीर पर चिपक नहीं पाते. इसलिए मिर्च आम फीड का सस्ता और पौष्टिक विकल्प बन गई हैं. स्थानीय किसान भी अपनी बची हुई या खराब होने वाली मिर्चें मुफ्त में तालाब वालों को दे देते हैं. इससे घास उगाने और काटने का खर्च भी बच जाता है.

लोग करने लगे मजेदार कमेंट
यह अनोखा तालाब वायरल होने के बाद इंटरनेट पर मजेदार प्रतिक्रियाएं आने लगीं. एक यूजर ने लिखा- “हुनान की मिर्चीदार हवा में पैदा हुई मछलियां भी तीखी हो गईं!” दूसरे ने लिखा- “कहीं इंसानों से ज्यादा मिर्च तो मछलियां नहीं खा रही?” तीसरे ने बड़े ही मजाकिया अंदाज में लिखा- “सीधे प्री-सीजन्ड मछली तैयार- बस पकाओ और खाओ!” तालाब अब स्थानीय लोगों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन चुका है और कई लोग यहां मछली पकड़ने भी आने लगे हैं.

me.sumitji@gmail.com

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