
कहते हैं ना कि देश को सिर्फ बाहरी दुश्मनों से खतरा नहीं होता, बल्कि कुछ गद्दार देश में रहकर भी दुश्मनों की मदद करते हैं. इसी के कई उदाहरण हमें आए दिन देखने को मिलते रहते हैं. यूपी एटीएस ने ऐसे ही नौसेना कर्मी आदर्श कुमार को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है. वो मूल रूप से आगरा का रहने वाला है. वर्तमान में केरल के कोच्चि में पोस्टेड में था. आरोपी ने पाकिस्तान में मौजूद ISI एजेंटों से अपना संपर्क बनाया हुआ था. वो उन्हें फोटोज/वीडियोज और अन्य सीक्रेट जानकारियां भेजता रहता था. लेकिन ये कोई पहला मामला नहीं है. पिछले दो सालों में ऐसे कई लोग भारत में गिरफ्तार हुए हैं.
20242026 में भारत में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी Inter-Services Intelligence (ISI) के लिए जासूसी करने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से हम आपको 10 ऐसे लोगों के बारे में बताएंगे, जो भारत की संवेदनशील जानकारियों ISI को देते थे.
ज्योति मल्होत्रा मामला
हरियाणा के हिसार की ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा को 2025 में पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया. जांच एजेंसियों का कहना है कि वह कई बार पाकिस्तान गई और वहां के अधिकारियों से संपर्क में थी. आरोप है कि उसने भारत के संवेदनशील स्थानों से जुड़ी जानकारी और तस्वीरें पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाईं. पुलिस के मुताबिक, वो सोशल मीडिया के जरिए ISI हैंडलरों से संपर्क में थी और उनसे नियमित बातचीत करती थी.
देवेंद्र सिंह ढिल्लों मामला
हरियाणा के कैथल से छात्र देवेंद्र सिंह ढिल्लों को 2025 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया. वो पटियाला के खालसा कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था. पुलिस जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में था और सोशल मीडिया के माध्यम से उनसे जुड़ा. उस पर आरोप है कि वह हथियारों और सैन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा करता था. पुलिस ने उसके मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट से कई अहम डिजिटल सबूत बरामद किए.
नौमन इलाही मामला
उत्तर प्रदेश के कैराना निवासी नौमन इलाही को हरियाणा पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया. वो पहले एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था. जांच में सामने आया कि उसने भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं और वीडियो ISI हैंडलर को भेजे थे. पुलिस के अनुसार, उसके मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन से पाकिस्तान से जुड़े संपर्कों के सबूत मिले. मामला आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज किया गया.
मोहम्मद मुर्जता अली मामला
पंजाब के जालंधर से मोहम्मद मुर्तजा अली को 2025 में गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार, वो मोबाइल ऐप के जरिए भारत की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाता था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जांच में उसके पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए. अधिकारियों का कहना है कि वह ऑनलाइन माध्यम से ISI एजेंटों से संपर्क करता था और इसके बदले उसे पैसे भी मिलते थे.
नौमान, रविंद्र और कासिम.
रविंद्र कुमार मामला
उत्तर प्रदेश एटीएस ने 2025 में ऑर्डनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी रविंद्र कुमार को गिरफ्तार किया. उस पर आरोप है कि उसने हथियार निर्माण और सैन्य उपकरणों से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी तक पहुंचाईॉ. जांच एजेंसियों के मुताबिक, वो लंबे समय से एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में था. मोबाइल और डिजिटल डिवाइस की जांच में कई संवेदनशील दस्तावेज और बातचीत के रिकॉर्ड मिले.आरोपी के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया.
कासिम मामला
दिल्ली पुलिस ने 2025 में कासिम नाम के युवक को ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क में गिरफ्तार किया. जांच में पता चला कि वह दो बार पाकिस्तान गया था, जहां उसे जासूसी की ट्रेनिंग दी गई. आरोप है कि उसने भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे, जिनका इस्तेमाल पाकिस्तानी एजेंट भारतीय लोगों से संपर्क करने के लिए करते थे. पुलिस के अनुसार उसके जरिए सैन्य और सरकारी संस्थानों से जुड़ी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही थी.
शहजाद मामला
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से शाहजाद नाम के व्यक्ति को एटीएस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया. अधिकारियों का कहना है कि वो ISI एजेंटों के संपर्क में था और भारत की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी साझा करता था.
प्रकाश सिंह मामला
राजस्थान के श्रीगंगानगर इलाके से प्रकाश सिंह उर्फ बादल को 2025 में गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार, वो सीमा के पास सैन्य क्षेत्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था और सेना से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान भेजने का आरोप था. जांच एजेंसियों का कहना है कि वो सोशल मीडिया के जरिए ISI हैंडलरों से संपर्क में था. मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई.
शहजाद, प्रकाश और हनीफ.
हनीफ खान मामला
राजस्थान के जैसलमेर से हनीफ खान को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार वो सेना की गतिविधियों और ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान की एजेंसी तक पहुंचाता था. जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया के जरिए ISI एजेंटों से संपर्क में था और कई बार पाकिस्तान भी गया था. अधिकारियों ने उसके पास से सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी और डिजिटल डाटा बरामद किया.
आदर्श कुमार मामला
उत्तर प्रदेश के आगरा से भारतीय नौसेना के जवान आदर्श कुमार को 2026 में एटीएस ने गिरफ्तार किया. जांच के अनुसार, उसे सोशल मीडिया पर हनीट्रैप में फंसाकर ISI एजेंटों ने संपर्क किया था. आरोप है कि उसने नौसेना के जहाजों और सैन्य गतिविधियों की तस्वीरें व जानकारी साझा की. मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी की गई और मामले की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं.






