Monday, February 23, 2026
Crime

सर, प्लीज गेट खोल दीजिए… 10 मिनटˈ की देरी से छूटी मैट्रिक परीक्षा, ट्रेन से कूदकर छात्रा ने दे दी जान

सर, प्लीज गेट खोल दीजिए… 10 मिनटˈ की देरी से छूटी मैट्रिक परीक्षा, ट्रेन से कूदकर छात्रा ने दे दी जान
सर, प्लीज गेट खोल दीजिए… 10 मिनटˈ की देरी से छूटी मैट्रिक परीक्षा, ट्रेन से कूदकर छात्रा ने दे दी जान

पटना: बिहार की राजधानी पटना से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. जहां मैट्रिक की परीक्षा में देर से पहुंचने के कारण प्रवेश नहीं मिलने से आहत एक छात्रा ने चलती ट्रेन से कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना मसौढ़ी थाना क्षेत्र के महाराजचक गांव की है. मृतका की पहचान मसौढ़ी के खरजमा गांव निवासी मंटू यादव की पुत्री कोमल कुमारी के रूप में हुई है. बताया जाता है कि कोमल मैट्रिक की परीक्षार्थी थी और मंगलवार को बरनी स्थित परीक्षा केंद्र पर उसकी परीक्षा थी.

वह परीक्षा देने के लिए सोमवार को ही अपने रिश्तेदार के गांव महाराजचक चली गई थी. परीक्षा केंद्र वहां से करीब 6 किलोमीटर दूर बरनी में था. जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र पर सुबह 9 बजे तक रिपोर्टिंग का समय निर्धारित था, लेकिन कोमल 9:10 बजे पहुंची. ऐसे में प्रवेश बंद कर दिया गया.

सर, प्लीज गेट खोल दीजिए, मेरे करियर का सवाल है…
परीक्षा केंद्र पहुंचने पर गेट बंद मिला तो कोमल गेट खटखटाने लगी. वह बार-बार निवेदन कर रही थी, सर प्लीज गेट खोल दीजिए, परीक्षा 9:30 बजे शुरू होगी. मैं सिर्फ दस मिनट लेट हूं, अभी 20 मिनट बाकी हैं, मेरा करियर का सवाल है. लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी. काफी प्रयास के बाद भी जब गेट नहीं खुला तो वह निराश होकर घर लौट आई.

सोशल मीडिया से हुई छात्रा की पहचान
कुछ देर बाद वह नदौल पहुंची और एक ट्रेन पर सवार हो गई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। तरेगना और मसौढ़ी कोर्ट स्टेशन के बीच महाराजचक गांव के पास चलती ट्रेन से कूद गई. पुलिस उसे अस्पताल ले गई, जहां वह दम तोड़ दिया. शुरुआती दौर में उसकी पहचान नहीं हो सकी थी. बाद में मसौढ़ी थाना पुलिस ने उसका फोटो सोशल मीडिया पर जारी किया, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसकी पहचान की और परिजनों को सूचना दी.

जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. मां रो-रोकर बेहाल हो गई. बताया जाता है कि कोमल दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी. उसके पिता मंटू यादव बाहर मजदूरी करते हैं. इस घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है और परीक्षा व्यवस्था की सख्ती को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

me.sumitji@gmail.com

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