Thursday, February 26, 2026
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शहडोल: Aviator गेम खेलकर किस्मत बदलना चाहता था, कर्ज में ऐसा डूबा… परिवार सहित पिया जहर, पिता-बेटी की मौत, मां की हालत गंभीर!

शहडोल: Aviator गेम खेलकर किस्मत बदलना चाहता था, कर्ज में ऐसा डूबा… परिवार सहित पिया जहर, पिता-बेटी की मौत, मां की हालत गंभीर!
शहडोल: Aviator गेम खेलकर किस्मत बदलना चाहता था, कर्ज में ऐसा डूबा… परिवार सहित पिया जहर, पिता-बेटी की मौत, मां की हालत गंभीर!

मध्य प्रदेश के शहडोल में ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में तबाह कर दिया. लाखों रुपये हारने और कर्ज के बोझ से टूट चुके पिता ने जहर मिली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर पत्नी और बेटी सहित खुद भी आत्मघाती कदम उठा लिया. इस दर्दनाक घटना में बेटी और पिता की मौत हो चुकी है. जबकि, मां अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है.

ये खौफनाक घटना पुरानी बस्ती क्षेत्र की है. इस वारदात ने ऑनलाइन गेमिंग की लत के खतरनाक परिणामों को उजागर कर दिया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन गेम में लाखों रुपए हार चुके एक परिवार के मुखिया शंकर लाल गुप्ता ने कर्ज के दबाव में आकर अपनी पत्नी और बेटी को जहर मिली कोल्ड ड्रिंक पिला दी. फिर खुद भी उसे पीकर आत्मघाती कदम उठा लिया.

ऐसे बच गया 15 साल का बेटा

इस दर्दनाक घटना में मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान 16 वर्षीय बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो गई. जब उसका अंतिम संस्कार करके परिजन घर लौटे ही थे कि कुछ देर बाद पिता शंकर लाल गुप्ता की भी मौत हो गई. पत्नी राजकुमारी गुप्ता फिलहाल ICU में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं. घटना के समय परिवार का 15 वर्षीय बेटा अनिकेत गुप्ता घर पर मौजूद नहीं था, जिसके चलते वो इस हादसे का शिकार होने से बच गया. लेकिन अब उसके सिर से पिता और बहन का साया उठ चुका है और मां अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है, जिससे उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है.

परिवार की किस्मत बदलना चाहता था

जानकारी के मुताबिक, शंकर लाल गुप्ता ऑनलाइन Aviator गेम खेलता था. इस गेम में पैसा लगाकर किस्मत आजमाने की कोशिश करता था. वो चाहता था कि गेम जीतकर जो भी रकम वो जीतेगा, उससे उसकी और परिवार की किस्मत बदल जाएगी. इस गेम की उसे लत लग चुकी थी. गेम में वो लगभग 4 लाख रुपए हार गया और बाजार में कर्ज भी बढ़ता चला गया. आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से परेशान होकर फिर उसने ये खौफनाक कदम उठाया.

दुकान भी कर्जा चुकाने में बिकी

बताया जा रहा है कि शंकर लाल पहले मोबाइल शॉप में काम करता था और बाद में अनूपपुर जिले में अपनी मोबाइल दुकान संचालित करने लगा था. लेकिन ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण उसकी दुकान भी कर्जा चुकाने में बिक गई. हाल ही में वो मोबाइल एक्सेसरीज की सड़क पर छोटी दुकान लगाकर हेडफोन आदि बेचकर परिवार का गुजारा कर रहा था. लेकिन ऑनलाइन गेम की लत में उसे कर्जे में डूबा दिया.

me.sumitji@gmail.com

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