Himachal Se: Shubman Gill Statement: गुजरात टाइटंस को आईपीएल 2026 के फाइनल तक पहुंचाने में कप्तान शुभमन गिल की भूमिका सबसे अहम रही है। पूरे सीजन में उन्होंने बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन किया और टीम की सफलता की नींव रखी। 15 पारियों में 722 रन बनाने वाले गिल टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद युवा खिलाड़ियों में से एक हैं।

टी20 टीम में वापसी पर क्या बोले गिल?
फाइनल मुकाबले से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभमन गिल से भारतीय टी20 टीम में वापसी की संभावनाओं को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। गिल ने कहा, “अगर मुझे टी20 टीम में चुना जाता है तो मुझे खुशी होगी। मैं अपने खेल पर लगातार काम करना चाहता हूं। मैं हर फॉर्मेट में बेहतर बल्लेबाज बनना चाहता हूं, चाहे वह टी20 हो, वनडे हो या टेस्ट क्रिकेट।” गिल का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए निरंतर सुधार ही सबसे महत्वपूर्ण चीज होती है और वह इसी दिशा में काम कर रहे हैं।
पिछला टी20 रिकॉर्ड नहीं रहा खास
हालांकि अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में गिल का हालिया प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। पिछले साल उन्हें लगातार मौके मिले, लेकिन वह बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं हो सके। सीमित रन और अर्धशतक का इंतजार उनकी टी20 दावेदारी को कमजोर कर गया, जिसके चलते उन्हें टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिल सकी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यही कारण रहा कि चयनकर्ताओं ने अन्य खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी और टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिला।
भारतीय टी20 टीम में इस समय जगह बनाना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो चुका है। संजू सैमसन ने हाल के बड़े टूर्नामेंटों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, जबकि अभिषेक शर्मा लगातार आक्रामक बल्लेबाजी से अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। ईशान किशन भी वापसी के बाद अच्छी लय में दिखे हैं। इसके अलावा 15 वर्षीय ने घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी प्रतिभा दिखाकर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। ऐसे में शीर्ष क्रम में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी हो गई है।
IPL 2026 के प्रदर्शन से बढ़ी उम्मीदें
इसके बावजूद में गिल का प्रदर्शन उन्हें फिर से चर्चा में ले आया है। उन्होंने नई गेंद के खिलाफ आत्मविश्वास से बल्लेबाजी की, स्पिनरों का सामना बेहतर तरीके से किया और जरूरत पड़ने पर तेजी से रन भी बनाए। कप्तानी में भी उन्होंने दबाव भरे मौकों पर टीम को संभाला।



