Saturday, March 7, 2026
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RBI ने रद्द किया इस बैंक का लाइसेंस-कहीं आपका भी तो नहीं खाता!..

RBI ने रद्द किया इस बैंक का लाइसेंस-कहीं आपका भी तो नहीं खाता!..
RBI ने रद्द किया इस बैंक का लाइसेंस-कहीं आपका भी तो नहीं खाता!..

कर्नाटक के बैंकिंग सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंड्या जिले के मद्दूर में स्थित शिमशा सहकारा बैंक नियमिता (Shimsha Sahakara Bank Niyamitha) के खिलाफ अंतिम फैसला सुना दिया है. लंबे समय से चल रहे कानूनी दांव-पेंच के बाद अब इस बैंक का लाइसेंस पूरी तरह से रद्द हो गया है. आइए, इस पूरी घटना को आसान भाषा में समझते हैं.

पहले जानिए क्या है मामला?
दरअसल, यह विवाद काफी पुराना है. RBI ने 05 जुलाई 2024 को ही एक आदेश जारी किया था, जिसमें इस बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था. उस समय बैंक को बैंकिंग कारोबार तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया था. लेकिन बैंक ने इस आदेश को चुनौती देने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

हाईकोर्ट का दखल और स्टे ऑर्डर

बैंक द्वारा दायर याचिका (Writ Petition No. 19767 of 2024) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 25 जुलाई 2024 को एक अंतरिम आदेश जारी किया था. इस आदेश की वजह से RBI की कार्रवाई पर कुछ समय के लिए रोक लग गई थी. इसी वजह से समय-समय पर बैंक के ऊपर लगाए गए प्रतिबंधों की समय सीमा बढ़ाई जाती रही थी, जो आखिरी बार 24 मई 2026 तक के लिए बढ़ाई गई थी.

याचिका खारिज और लाइसेंस रद्दीकरण
अब इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ 17 फरवरी 2026 को आया. माननीय कर्नाटक हाईकोर्ट ने बैंक द्वारा दायर की गई रिट याचिका को वापस लिए जाने के कारण खारिज (Dismissed as Withdrawn) कर दिया. जैसे ही कोर्ट से यह याचिका खारिज हुई, RBI का 05 जुलाई 2024 वाला पुराना आदेश ‘जीवित’ हो गया और तुरंत प्रभावी हो गया.

अब बैंक क्या नहीं कर पाएगा?
लाइसेंस रद्द होने के साथ ही शिमशा सहकारा बैंक पर बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत कई प्रतिबंध लग गए हैं.

बैंकिंग पर रोक: बैंक अब किसी भी तरह का जमा स्वीकार नहीं कर सकता और न ही पैसे निकाल सकता है.

धारा 5(b) और 56: बैंक अब ‘बैंकिंग’ शब्द का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा और न ही किसी वित्तीय लेनदेन को अंजाम दे पाएगा.

तत्काल प्रभाव: यह आदेश तुरंत लागू हो गया है, जिसका मतलब है कि बैंक के दरवाजे अब ग्राहकों के लिए बंद हो चुके हैं.

ग्राहकों के लिए आगे क्या?
जब भी किसी बैंक का लाइसेंस रद्द होता है, तो सबसे ज्यादा चिंता ग्राहकों को होती है. अब बैंक की संपत्तियों की जांच होगी और एक लिक्विडेटर नियुक्त किया जा सकता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जमाकर्ताओं को उनके पैसे मिलने की प्रक्रिया DICGC (डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन) के नियमों के अनुसार होगी, जहां ₹5 लाख तक की जमा राशि सुरक्षित मानी जाती है.

शिमशा सहकारा बैंक के खिलाफ यह कार्रवाई बैंकिंग सेक्टर में अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई है. कोर्ट की लंबी प्रक्रिया के बाद अंततः नियमों की जीत हुई है. हालांकि मद्दूर और मंड्या के स्थानीय ग्राहकों के लिए यह एक बड़ा झटका है, लेकिन सुरक्षित बैंकिंग के लिए RBI का ऐसा कड़ा रुख अपनाना जरूरी माना जाता है.

me.sumitji@gmail.com

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