Electric Bike Battery Blast Causes: पेट्रोल की बढ़ती कीमत और मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण सप्लाई में आए संकट के बाद से ही देशभर में इलेक्ट्रिक वाहन यानी EV का क्रेज लगातार बढ़ रहा है. पेट्रोल के खर्च से बचने के लिए लोग ईवी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. लेकिन इसके साथ ही इनसे जुड़े हादसों की खबरें भी डराने लगी हैं. ताजा मामला नोएडा के फेज3 थाना क्षेत्र स्थित मामूरा गांव से सामने आया है, शुरुआती जांच में सामने आया है कि एक इलेक्ट्रिक बाइक में हुई स्पार्किंग ने आग पकड़ी और भयानक रूप ले लिया. ईबाइक से भड़की इस भीषण आग ने एक इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण अंदर मौजूद करीब 50 परिवार फंस गए. इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की जान भी चली गई है.

इस घटना ने एक बार फिर से इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को डरा दिया है. ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि आखिर चार्जिंग के दौरान इन स्कूटर्स में आग क्यों लग रही है? क्या यह मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है या फिर हमारी खुद की कोई लापरवाही? आइए समझते हैं चार्जिंग के दौरान इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने के पीछे की क्या वजहें हो सकती हैं और साथ ही जानेंगे जरूरी सेफ्टी टिप्स, जो आपके स्कूटर और आपकी जान दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं.

आखिर क्यों लगती है इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आग?
ऑटोमोबाइल्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आग लगने के पीछे कई कारण होते हैं. उनमें से एक वजह लिथियमआयन बैटरी में होने वाली गड़बड़ी भी है. जब बैटरी के अंदर का तापमान किसी कारण से ज्यादा बढ़ जाता है, तो उसमें एक केमिकल रिएक्शन शुरू होता है जिसे थर्मल रनअवे कहते हैं. इसमें बैटरी खुद ही गर्मी पैदा करने लगती है और फिर उसमें ब्लास्ट या आग लग जाती है.

लोकल या डिफेक्टिव चार्जर का इस्तेमाल
कई बार लोग चार्जिंग के लिए खराब चार्जर या फिर सस्ता और लोकल चार्जर खरीद लेते हैं. ये चार्जर वोल्टेज को सही से कंट्रोल नहीं कर पाते, जिससे बैटरी ओवरहीट हो जाती है.

ओवरचार्जिंग
इलेक्ट्रिक वाहन को रातभर या जरूरत से ज्यादा देर तक चार्जिंग पर छोड़ने से बैटरी पर प्रेशर बढ़ता है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है.

शॉर्ट सर्किट और डैमेज बैटरी
अगर स्कूटर कभी गिरा हो या उसकी बैटरी नीचे से किसी ऊंचे डिवाइडर या पत्थर से टकराई हो, तो अंदरूनी डैमेज के कारण चार्जिंग के वक्त शॉर्ट सर्किट हो सकता है.

कैसे बचा जा सकता है इससे?
अगर इलेक्ट्रिक वाहन में कोई मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है, तब आप बहुत कुछ नहीं कर सकते हैं. लेकिन आप कुछ उपाय करके इन खतरों को कम कर सकते हैं. सबसे पहली बात जो ध्यान में रखनी चाहिए कि गाड़ी को बहुत ज्यादा गर्म न होने दें. गर्मी के दिनों में उसे तेज धूप में देर तक ना छोड़ें. अगर गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है कि उसके बाद भी बैटरी में कोई नुकसान हो सकता है. ऐसे में एक्सिडेंट के बाद गाड़ी की बैटरी जरूर चेक कराएं, जिससे पता चल सके कि उसमें कोई फॉल्ट तो नहीं हुआ.

अपनाएं ये जरूरी सेफ्टी टिप्स
अगर आपके पास भी इलेक्ट्रिक वाहन है, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें

हमेशा ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें
कंपनी के साथ आए ऑथराइज्ड चार्जर से ही चार्ज करें. लोकल चार्जर बैटरी को खराब कर सकते हैं.

धूप या गर्म जगह पर चार्ज करने से बचें
इलेक्ट्रिक वाहन को कभी भी सीधी धूप में या किसी बहुत गर्म जगह पर चार्ज न करें. कोशिश करें कि चार्जिंग प्वाइंट छाया में और हवादार जगह पर हो.

राइड के तुरंत बाद चार्जिंग पर न लगाएं
जब आप इलेक्ट्रिक वाहन चलाकर आते हैं, तो बैटरी पहले से ही गर्म होती है. सफर से लौटने के कम से कम 30 से 45 मिनट बाद ही स्कूटर को चार्जिंग पर लगाएं जिससे बैटरी ठंडी हो सके.

रातभर चार्जिंग पर न छोड़ें
ज्यादातर हादसों की वजह ओवरचार्जिंग होती है. बैटरी 100% होते ही चार्जर को प्लग से हटा दें. रातभर स्कूटर को चार्जिंग पर लगाकर कभी न सोएं.