Thursday, March 26, 2026
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सोमवार को पेट्रोल-डीजल होगा महंगा! तेल की कीमतों में लग सकती है आग-जानें पूरी खबर!..

सोमवार को पेट्रोल-डीजल होगा महंगा! तेल की कीमतों में लग सकती है आग-जानें पूरी खबर!..
सोमवार को पेट्रोल-डीजल होगा महंगा! तेल की कीमतों में लग सकती है आग-जानें पूरी खबर!..

Oil Prices Likely to Jump : अमेरिका और ईरान द्वारा एक दूसरे के एनर्जी फैसिलिटीज को निशाना बनाने की धमकियों के बाद सोमवार को तेल की कीमतों में और तेजी आने की संभावना है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को ‘तबाह’ कर देगा.

ये बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही उन्होंने युद्ध को कम करने की बात कही थी. अमेरिका और ईरान युद्ध अब अपने चौथे सप्ताह में एंट्री कर चुका है. ईरान ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर ट्रंप अपने बयान पर अमल करते हैं, तो वो खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर (इसमें एनर्जी और डिसेलिनेशन फैसिलिटीज शामिल हैं) पर हमला करेगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शुक्रवार को मई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3.26% बढ़कर 112.19 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुए थे. ये जुलाई 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है.

‘सोमवार को तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है’

मार्केट एनालिस्ट टोनी साइकामोर ने कहा कि ट्रंप की धमकी ने बाजार में 48 घंटे की अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है. उन्होंने कहा कि अगर ये अल्टीमेटम वापस नहीं लिया गया, तो सोमवार को तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है. एनर्जी एस्पेक्ट्स की फाउंडर अमृता सेन ने कहा कि इसका साफ मतलब है कि तनाव और बढ़ेगा. इससे तेल की कीमतें ऊपर जाएंगी. उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलतफहमी में हैं कि ईरान झुक सकता है. जबकि ट्रंप ये दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे और अधिक सख्ती दिखा सकते हैं. इसके बाद अगर ईरान नहीं झुका तो खाड़ी क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हो सकता है.

ईरान दे चुका है जवाब

ईरान ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों के जवाब में सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, यूएई और कतर के बंदरगाहों और रिफाइनरियों पर हमले किए हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से अब तक युद्ध के 22 दिनों में वैश्विक सप्लाई को करीब 44 करोड़ बैरल का नुकसान हुआ है. हालांकि, ईरान ने अब तक सऊदी अरब और UAE के बड़े जल-शोधन संयंत्रों को निशाना नहीं बनाया है. ये लाखों लोगों को पानी की सप्लाई करते हैं.

अटलांटिक काउंसिल के मुताबिक, अगर इन फैसिलिटीज को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचता है, तो खाड़ी क्षेत्र के कुछ शहर कुछ ही हफ्तों में रहने लायक नहीं रह जाएंगे और बड़े पैमाने पर पलायन और बिजली संकट पैदा हो सकता है. पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड में लगभग 8.8% की बढ़ोतरी हुई है.

me.sumitji@gmail.com

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