जम्मूकश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है. मंगलवार को चार नए मंत्रियों ने श्रीनगर राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ ली. इनमें अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, अल्ताफ अहमद कल्लू और शमीमा फिरदौस शामिल हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अनुभवी नेताओं के साथ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी है. इस विस्तार के साथ ही जम्मूकश्मीर सरकार का मंत्रिमंडल अपनी अधिकतम निर्धारित संख्या तक पहुंच गया है.

इससे पहले उमर अब्दुल्ला सरकार में मुख्यमंत्री समेत कुल छह सदस्य थे. इनमें उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, मंत्री जावेद राणा, सकीना इट्टू, जावेद अहमद डार और सतीश शर्मा शामिल थे. मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मुख्यमंत्री ने मौजूदा मंत्रियों से अपने इस्तीफे सौंपने को कहा था, ताकि मंत्रिमंडल में बदलाव किया जा सके. इनमें से सतीश शर्मा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया.
मुख्यमंत्री समेत कुल 9 सदस्य
चार नए मंत्रियों के शामिल होने और सतीश शर्मा के मंत्रिमंडल से बाहर होने के बाद अब सरकार में मुख्यमंत्री समेत कुल नौ सदस्य हो गए हैं. जम्मूकश्मीर विधानसभा में 90 निर्वाचित सीटें हैं और केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों की अधिकतम संख्या नौ हो सकती है.
मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुई कांग्रेस
इस विस्तार के साथ उमर अब्दुल्ला सरकार ने मंत्रिमंडल की पूरी निर्धारित क्षमता का इस्तेमाल कर लिया है. वहीं, कांग्रेस ने जम्मूकश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल होने तक सरकार में शामिल नहीं होने का अपना रुख बरकरार रखा है. अब सभी की नजरें मंत्रियों के बीच विभागों के नए बंटवारे पर रहेंगी. मंत्रिमंडल में बदलाव के बाद मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की संभावना भी अहम मानी जा रही है.
अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीम फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू की एंट्री से सरकार में अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और महिला भागीदारी का नया समीकरण देखने को मिलेगा. इनमें से दो नेता पहले भी मंत्री रह चुके हैं, जबकि दो विधायकों को पहली बार मंत्री पद मिला है. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने वरिष्ठता, विधायी अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नेताओं का चयन किया है.
नए मंत्रियों का सियासी सफर
सात बार के विधायक अली मोहम्मद सागर से लेकर पहली बार मंत्री बनने जा रहे अल्ताफ अहमद कल्लू तक, जानिए नए मंत्रियों का राजनीतिक गणित.
अली मोहम्मद सागर: सात बार विधायक, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सबसे अनुभवी नेताओं में शुमार
श्रीनगर खानयार विधानसभा क्षेत्र
अली मोहम्मद सागर जम्मूकश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं. वह श्रीनगर जिले की खानयार विधानसभा सीट से सात बार विधायक चुने गए हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ रही है और वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.
सागर इससे पहले उमर अब्दुल्ला सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं. लंबे राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने के कारण उन्हें पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है. उनकी संभावित मंत्रिमंडल वापसी को वरिष्ठ नेतृत्व को फिर से जिम्मेदारी देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. श्रीनगर से आने वाले सागर की मौजूदगी से सरकार में मध्य कश्मीर का प्रतिनिधित्व भी मजबूत होगा.
मीर सैफुल्लाह: कुपवाड़ा से त्रेहगाम तक, चार बार के विधायक का राजनीतिक सफर
उत्तरी कश्मीर त्रेहगाम विधानसभा क्षेत्र
मीर सैफुल्लाह उत्तरी कश्मीर के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं. वह चार बार विधायक चुने गए हैं. उनके पिछले तीन कार्यकाल कुपवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से रहे, जबकि 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नवगठित त्रेहगाम सीट से जीत दर्ज की.
पेशे से वकील रहे मीर सैफुल्लाह पहले भी मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा चुके हैं. उनके पास विधायी और प्रशासनिक कामकाज का अनुभव है. उत्तरी कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के राजनीतिक आधार को मजबूत बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका रही है. मंत्रिमंडल में उनकी वापसी से कुपवाड़ा और त्रेहगाम सहित उत्तरी कश्मीर के मुद्दों को सरकार में प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है.
शमीमा फिरदौस: हब्बाकदल की तीन बार की विधायक, मंत्रिमंडल में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ने की उम्मीद
श्रीनगर हब्बाकदल विधानसभा क्षेत्र
शमीमा फिरदौस नेशनल कॉन्फ्रेंस की वरिष्ठ महिला नेताओं में शामिल हैं. वह श्रीनगर जिले की हब्बाकदल विधानसभा सीट से तीन बार विधायक चुनी गई हैं. उनका राजनीतिक आधार श्रीनगर में है और वह पार्टी की महिला नेतृत्व की प्रमुख आवाजों में गिनी जाती हैं.
शमीमा फिरदौस के लिए मंत्रिमंडल में शामिल होना एक नई राजनीतिक जिम्मेदारी होगी. वह पहली बार मंत्री बनने जा रही हैं. उनके शामिल होने पर उमर अब्दुल्ला सरकार में सकीना इटू के बाद दूसरी महिला मंत्री होंगी. ऐसे में उनकी एंट्री को महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने और श्रीनगर के राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
अल्ताफ अहमद कल्लू: पहलगाम से दूसरी बार विधायक, पहली बार बने मंत्री
अल्ताफ अहमद कल्लू, जिन्हें अल्ताफ कल्लू के नाम से भी जाना जाता है, दक्षिण कश्मीर के पहलगाम विधानसभा क्षेत्र से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक हैं. वह दूसरी बार विधानसभा पहुंचे हैं और विधान परिषद के सदस्य यानी एमएलसी के रूप में भी काम कर चुके हैं.
कल्लू के राजनीतिक सफर में पहलगाम क्षेत्र की अहम भूमिका रही है. विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों का अनुभव रखने वाले कल्लू को अब पहली बार मंत्रिमंडल में जगह मिली है. उनकी नियुक्ति को दक्षिण कश्मीर को सरकार में प्रतिनिधित्व देने के साथसाथ पार्टी के क्षेत्रीय समीकरण मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.



