भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है. सूबे की एकमात्र रिक्त सीट पर 12 नवंबर को उपचुनाव कराए जाएंगे औरनामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 2 नवंबर है. अभी हाल में निर्वाचन आयोग ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे से रिक्त हुई मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर उपचुनाव कराने का ऐलान किया था. मुरुगन ने 14 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिपरिषद और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था. उनका कार्यकाल दो अप्रैल 2030 को समाप्त होना था.

भाजपा ने राज्यसभा उम्मीदवार का फाइनल करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पर बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद राज्य भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में हरदीप सिंह पुरी के नाम पर फैसला लिया गया. बैठक के बारे में राज्य भाजपा प्रमुख हेमंत खंडेलवाल ने जानकारी दी थी कि कोर कमेटी की बैठक में राज्यसभा की एक रिक्त सीट के लिए उम्मीदवार के चयन पर चर्चा हुई. इसमें मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के संभावित उम्मीदवारों सहित चार से पांच नामों पर विचार किया गया.

सूबे के सियासी गलियारों में लगातार चर्चा हो रही थी कि भाजपा मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य, अरविंद सिंह भदौरिया और रंजना बघेल, पूर्व राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी और सिंगरौली जिले के पूर्व विधायक अमर सिंह में से किसी एक को उम्मीदवार बना सकती है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, तमिलनाडु की पूर्व विधायक और बीजेपी महिला मोर्चा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वनाथी श्रीनिवासन का नाम भी लिया जा रहा था. अब पार्टी ने हरदीप सिंह पुरी के नाम पर मुहर लगा दी.

हरदीप पुरी पहली बार 2018 में राज्यसभा से चुने गए

पुरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के सदस्य हैं और वर्तमान में उनके पास पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का प्रभार है. राज्यसभा और मंत्रिमंडल से एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद केंद्र की NDA सरकार में मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हरदीप पुरी पहली बार जनवरी 2018 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद नवंबर 2020 में वे दोबारा उत्तर प्रदेश से ही राज्यसभा सांसद चुने गए. पूरी 2019 के आम चुनावों में पंजाब की अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उसमें उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था.