
अमेरिका खुफिया विभाग की नई रिपोर्ट इन दिनों सुर्खियों में हैं। इसकी वजह है रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान का जिक्र। रिपोर्ट के मुताबिक इसमें ने दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध का खतरा लगातार बना हुआ है। रिपोर्ट में पाकिस्तान की काली करतूतों का भी जिक्र है। यह रिपोर्ट बुधवार को अमेरिकी सीनेट में पेश की गई है। रिपोर्ट पेश करते हुए US इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड ने एक और बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को अमेरिका के लिए खतरा बताया है और कहा है कि अमेरिका को पाक के परमाणु हथियारों से खतरा है।
‘यूएस इंटेलिजेंस कम्युनिटी’ द्वारा खतरे के आकलन पर लाए गए इस वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के संबंधों के कारण परमाणु संघर्ष का खतरा बना हुआ है। 34 पन्नों की इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत और पाकिस्तान सीधे संघर्ष शुरू नहीं करना चाहते, लेकिन आतंकवादी तत्व संकट को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियां पैदा कर सकते हैं।
पाक प्रायोजित आतंकवाद का जिक्र
दस्तावेज में कहा गया है, ”भारत-पाकिस्तान संबंध की वजह से परमाणु संघर्ष का खतरा बना हुआ है क्योंकि पूर्व में इन दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच टकराव हुए हैं, जिससे तनाव बढ़ने का खतरा पैदा हुआ है।” इसमें आगे पहलगाम हमले का जिक्र भी है। रिपोर्ट में कहा गया, “पिछले साल जम्मू कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में पहलगाम के पास हुए आतंकवादी हमले ने संघर्ष को भड़काने वाले आतंकवादी हमलों के खतरों को स्पष्ट कर दिया है।” गौरतलब है कि इस हमले में पाक समर्थित आतंकियों ने 26 लोगों की बर्बरता से हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू कर पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया था।
ट्रंप के दावे
अमेरिकी दस्तावेज में बीते साल मई में बनी युद्ध जैसी स्थिति का हवाला देते हुए कहा गया, ”राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप से हालिया परमाणु तनाव कम हुआ है और हमारा आकलन है कि कोई भी देश खुले संघर्ष में नहीं लौटना चाहता है लेकिन आतंकवादी तत्वों के लिए संकटों को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियां मौजूद हैं।” बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा किया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर और चार दिनों तक चले संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने सीजफायर की मांग की थी। भारत ने कहा है कि दोनों देशों के बीच DGMO स्तर पर हुई वार्ता के बाद सीजफायर की घोषणा हुई थी और किसी भी तीसरे देश ने भारत को पाक पर हमला करने से नहीं रोका।
पाकिस्तान से अमेरिका को खतरा
इस बीच अमेरिका की खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने बुधवार को सांसदों को बताया है कि पाकिस्तान द्वारा विकसित लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में अमेरिका को निशाना बनाने में सक्षम मिसाइलें शामिल हो सकती हैं। गबार्ड ने कहा कि अमेरिका की सुरक्षित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता सामरिक खतरों से देश की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा, ”हालांकि, रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक पेलोड से लैस कई नई, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल वितरण प्रणालियों पर शोध और विकास कर रहे हैं, जो हमारे देश को खतरे की जद में ला सकते हैं।”




