
Airtel and Google against Spam Calls: क्या आप भी दिन भर आने वाली लोन या लॉटरी वाली स्पैम कॉल्स से परेशान हैं? अगर हां, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. भारत की दिग्गज टेलिकॉम कंपनी Airtel और दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन Google ने हाथ मिलाकर इसका समाधान खोज लिया है. इन दोनों दिग्गजों ने साथ मिलकर एक ऐसा AI वाला स्पैम डिटेक्शन सिस्टम तैयार किया है, जो फ्रॉड करने वालों की छुट्टी कर देगा.
क्या है यह एयरटेल-गूगल का महागठबंधन?
अक्सर जब स्पैम कॉल आती है, तो हमें पता नहीं चलता और हम धोखे का शिकार हो जाते हैं. एयरटेल अब गूगल की क्लाउड टेक्नोलॉजी और अपने नेटवर्क डेटा का इस्तेमाल करके एक ऐसा सुरक्षा कवच तैयार कर रहा है, जो कॉल आने से पहले ही उसे भांप लेगा. जैसे ही कोई संदिग्ध नंबर आपके फोन पर कॉल करेगा, एयरटेल का नेटवर्क गूगल के एआई (AI) की मदद से उसे ‘स्पैम’ के तौर पर मार्क कर देगा. यह सिस्टम केवल आपके फोन पर नहीं, बल्कि एयरटेल के नेटवर्क लेवल पर ही काम करेगा. इसके बाद फर्जी कॉल्स आप तक पहुंच ही नहीं पाएंगी.
आपको क्या फायदा होगा?
दोनों कंपनियों की इस साझेदारी का सबसे बड़ा फायदा एयरटेल के उन करोड़ों ग्राहकों को होगा जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं. आजकल केवाईसी (KYC) या बिजली बिल के नाम पर बहुत सी फ्रॉड कॉल्स आती हैं. यह नया सिस्टम ऐसे नंबरों को तुरंत पहचान लेगा. इसके आने से फालतू की मार्केटिंग कॉल्स आपका कीमती समय बर्बाद नहीं कर पाएंगी. आपको स्क्रीन पर पहले ही दिख जाएगा कि कॉल करने वाला असली है या कोई बॉट.
71 अरब स्पैम कॉल्स ब्लॉक हो चुके हैं
कंपनी ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में एयरटेल ने AI-बेस्ड इनिशिएटिव की मदद से कॉल और मैसेज के जरिए होने वाले स्पैम और डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है. अलग-अलग स्पैम प्रोटेक्शन की मदद से कंपनी अब तक 71 अरब स्पैम कॉल्स और 2.9 अरब स्पैम SMS ब्लॉक कर चुकी है.
ट्रूकॉलर (Truecaller) की बढ़ेगी टेंशन?
अभी तक स्पैम कॉल्स की पहचान के लिए लोग Truecaller जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स पर निर्भर रहते थे. लेकिन अब जब एयरटेल और गूगल खुद यह सुविधा दे रहे हैं, तो लोगों को अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. एयरटेल का दावा है कि उनका एआई सिस्टम किसी भी अन्य ऐप के मुकाबले ज्यादा सटीक और तेज है क्योंकि यह सीधे टेलिकॉम नेटवर्क से जुड़ा है.
कब से मिलेगा यह फीचर?
रिपोर्ट्स के अनुसार एयरटेल ने इस सिस्टम की टेस्टिंग शुरू कर दी है और जल्द ही इसे देशभर के ग्राहकों के लिए रोलआउट कर दिया जाएगा. इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए ग्राहकों को शायद कोई अलग से ऐप इंस्टॉल करने या पैसे देने की जरूरत नहीं होगी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अभी इस पर कंपनी का कन्फर्मेशन आना बाकी है.






