
बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को पुलिस और अपराधियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. फतुहा थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक बड़े अंतर-जिला आपराधिक गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक कुख्यात अपराधी सुंदरम के पैर में गोली लगी है.
पुलिस ने मौके से अवैध हथियारों के साथ 1200 से भी ज्यादा जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. इतनी बड़ी संख्या में कारतूसों की बरामदगी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे.
कैसे हुई मुठभेड़?
पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि फतुहा थाना प्रभारी को सूचना मिली थी कि एक गैंग अवैध हथियारों और कारतूसों की सप्लाई करने वाला है. एसएसपी के निर्देश पर तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया और बताए गए स्थान पर छापेमारी की गई. पुलिस को देखते ही अपराधियों ने भागने की कोशिश की और पकड़े जाने के डर से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. आत्मरक्षा में पुलिस ने भी नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें कुख्यात सुंदरम घायल हो गया. इसके बाद उसके दोनों अपराधी साथियों की हिम्मत जवाब दे गई. उन्होंने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया.
छपरा से जुड़े हैं अपराधियों के तार
एसएसपी के मुताबिक, पकड़े गए अपराधी छपरा (सारण) जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पुलिस अब इनके आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है. एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा का बयान- हमने मौके से 1200 से ज्यादा गोलियां और कट्टे बरामद किए हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इन कारतूसों का सोर्स क्या था और ये इतनी बड़ी खेप कहां से लेकर आए थे.


