Tuesday, February 10, 2026
Gazab

‘कोई भी कॉपी नहीं छपी’, नरवणे की किताब को लेकर मचे बवाल के बीच सफाई!..

‘कोई भी कॉपी नहीं छपी’, नरवणे की किताब को लेकर मचे बवाल के बीच सफाई!..
‘कोई भी कॉपी नहीं छपी’, नरवणे की किताब को लेकर मचे बवाल के बीच सफाई!..

नई दिल्ली। पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर इन दिनों बवाल मचा हुआ है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में जिस किताब के हिस्से का हवाला देकर आरोप लगाने की कोशिश की, अब उस किताब के पब्लिशर पेंगुइन का बयान सामने आया है।

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने सोमवार को कहा कि उसके पास पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की यादों की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के एक्सक्लूसिव पब्लिशिंग राइट्स हैं और यह भी साफ किया कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसी खबरें हैं कि बिना इजाजत के इसकी कॉपी सर्कुलेट हो रही हैं।

‘कोई भी कॉपी जारी नहीं हुई’
यह सफाई तब आई जब दिल्ली पुलिस ने मैन्युस्क्रिप्ट के डिजिटल और दूसरे फॉर्मेट में कथित तौर पर गैर-कानूनी सर्कुलेशन को लेकर एफआईआर दर्ज की। एक बयान में पब्लिशिंग हाउस ने साफ किया कि किताब की कोई भी कॉपी (चाहे प्रिंट हो या डिजिटल) जनता के लिए जारी नहीं की गई है।

पब्लिशर ने बयान जारी करते हुए कहा, “पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया यह साफ करना चाहता है कि भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के पब्लिशिंग राइट्स सिर्फ हमारे पास हैं। हम यह साफ करना चाहते हैं कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है।”

बयान में यह भी कहा गया कि कंपनी द्वारा किताब की कोई भी कॉपी (प्रिंट या डिजिटल रूप में) पब्लिश, डिस्ट्रीब्यूट, बेची या किसी भी तरह से पब्लिक के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है।

पब्लिशर ने दी ये चेतावनी
पब्लिशर ने यह भी चेतावनी दी कि किताब का कोई भी वर्जन जो अभी सर्कुलेट हो रहा है, चाहे वह पूरा हो या कुछ हिस्सा और किसी भी फॉर्मेट में (प्रिंट, PDF या ऑनलाइन कॉपी) कॉपीराइट का उल्लंघन माना जाएगा।

दिल्ली पुलिस में केस दर्ज
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पूरी जांच के लिए स्पेशल सेल में केस दर्ज किया गया है, जिसे अभी मंजूरी नहीं मिली है और जांच शुरू की जा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पिछले हफ्ते संसद में किताब की एक कथित कॉपी दिखाते हुए देखा गया था। वह 2 फरवरी से लोकसभा में किताब के कुछ हिस्से बताना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया क्योंकि यह अभी तक पब्लिश नहीं हुआ है।

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply