
आज के समय में सॉफ्ट ब्रेकअप काफी ट्रेंड में हैं. Gen Z को ये नया ट्रेंड काफी पसंद आ रहा है. दरअसल Gen Z के लिए रिलेशनशिप केवल साथ रहना नहीं बल्कि मेंटल पीस, स्पेस और सेल्फ रिस्पेक्ट भी होना जरूरी है. पहले के समय में जब रिश्ता खत्म होता था तो अक्सर लोग एक दूसरे से झगड़ा, लंबी बहस और फिर एक दूसरे को सोशल मीडिया से ब्लॉक कर देते थे. वहीं इन दिनों नया ट्रेंड वायरल हो रहा है. आइए जानते हैं क्या है Soft ब्रेकअप
ना कोई आरोप, ना कोई ड्रामा
इस ब्रेकअप में ना कोई लंबी बहस, ना कोई आरोप, ना कोई ड्रामा और ना ही सोशल मीडिया पर ब्लॉक करना. बस बातचीत कम करना, मिलना कम करना और फिर धीरे-धीरे रिश्ता ठंडा पड़ने देना. इस तरह आप रिश्ते से बाहर निकल जाते हैं. वहीं कुछ लोगों को ये ट्रेंड पसंद आ रहा है तो कुछ लोगों का कहना है कि इससे कंफ्यूजन पैदा होती है यह बेहद इमोशनल रूप से थकाने वाला है.
क्या है Soft ब्रेकअप ?
Soft ब्रेकअप का मतलब होता है कि रिश्ते को अचानक खत्म करने की बजाए इस रिलेशनशिप से धीरे-धीरे बाहर आना है. इस दौरान पार्टनर से कम बात करना, चैट का जवाब देर से देना, मिलने के प्लान को टालना, इससे इमोशनल कनेक्शन कमजोर होने लगता है. फिर एक दिन बैठकर रिश्ता खत्म करना.
Soft ब्रेकअप के नुकसान
Soft ब्रेकअप ट्रेंड शांत और आसान दिखता है लेकिन यह ट्रेंड हर रिश्ते के लिए सही नहीं होता है. कभी-कभी साफ शब्दों में ब्रेकअप करना बेहद जरूरी होता है. इस तरह के ब्रेकअप से किसी एक को दुख पहुंच सकता है.
अगर आपके साथ ऐसा हो तो क्या करें?
अगर आप भी अपने रिलेशनशिप में ऐसा महसूस कर रहे हैं कि आपका रिश्ता धीरे-धीरे ठंडा हो रहा है तो चुप रहने की बजाए आप अपने पार्टनर के साथ खुलकर बात कर सकते हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। खुलकर बात करने से समस्या ठीक हो सकती है. अगर आप पार्टनर के साथ दूरी बनाना चाहते हैं तो आप अपने पार्टनर को पहले ही इस बारे में खुलकर बता दें, धीरे-धीरे किसी को इग्नोर करना उनके इमोशन को दुख पहुंचाने जैसा है.



