Jagdamba Prasad Mishra On Ram Mandir Donation Theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब जांच के साथसाथ आरोपी परिवारों पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी विवाद गहराता नजर आ रहा है। मामले में आरोपी बनाए गए लवकुश मिश्रा के परिवार ने प्रशासन पर मकान गिराने की तैयारी का आरोप लगाया है। आरोपी के दादा जगदंबा प्रसाद मिश्रा का कहना है कि उन्हें घर ध्वस्तीकरण का एक सप्ताह का नोटिस दिया गया है और मकान का स्वीकृत नक्शा पेश करने को कहा गया है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: मकान गिराने के नोटिस और बरामदगी पर परिवारों के गंभीर आरोप​
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: मकान गिराने के नोटिस और बरामदगी पर परिवारों के गंभीर आरोप​

उनका दावा है कि मकान का वैध नक्शा मौजूद है, लेकिन वह फिलहाल ठेकेदार के पास है। उन्होंने सवाल उठाया कि एसआईटी की जांच पूरी होने और अदालत में आरोप साबित होने से पहले इस तरह की कार्रवाई कैसे की जा सकती है। वहीं, मामले के दूसरे आरोपी टिन्नू यादव के परिवार ने भी पुलिस की बरामदगी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब्त की गई नकदी उनके निजी व्यवसाय की कमाई है, न कि मंदिर के चढ़ावे की। इस पूरे घटनाक्रम ने जांच के साथ प्रशासनिक कार्रवाई पर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन ने घर गिराने का दिया नोटिस

जगदंबा प्रसाद मिश्रा ने बताया कि अधिकारियों ने उनसे मकान का स्वीकृत नक्शा मांगा है। उन्होंने कहा कि मकान का स्वीकृत नक्शा ठेकेदार के पास है, जो फिलहाल मौजूद नहीं है। ठेकेदार के लौटते ही नक्शा अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने एक सप्ताह का समय दिया है और कहा है कि यदि नक्शा पेश नहीं किया गया तो मकान को ध्वस्त कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा, “सिर्फ नोटिस देकर हमारा घर कैसे गिराया जा सकता है? हमारे मकान का नक्शा बना हुआ है और स्वीकृत भी है। जमीन के कुछ दस्तावेज भले पूरे न हुए हों, लेकिन मकान का नक्शा वैध है।” जगदंबा प्रसाद मिश्रा ने दावा किया कि उन्हें बताया गया है कि बुलडोजर भी मौके पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा, “अगर उनके पास ताकत है तो घर गिरा दें, वे कुछ भी कर सकते हैं।”

बुलडोजर कार्रवाई रोकने कि मांग

राम मंदिर में कथित धन गबन के आरोपों पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गठित विशेष जांच दल की रिपोर्ट आने और अदालत में आरोप साबित होने से पहले किसी प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार ध्वस्तीकरण का विरोध करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी दस्तावेज की कमी है तो उसे पूरा करने और प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। अगर उसके बाद भी निर्माण अवैध पाया जाता है, तभी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में जिला मजिस्ट्रेट से मुलाकात करेंगे और बुलडोजर कार्रवाई रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। हालांकि, फिलहाल अदालत जाने की आवश्यकता नहीं है।

टिन्नु यादव की भाभी ने पुलिस पर उठाए सवाल

वहीं, इस मामले के एक अन्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की भाभी साधना मिश्रा ने पुलिस की बरामदगी पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उनके घर से बरामद की गई नकदी मंदिर से नहीं, बल्कि निजी कैमरा संचालन के व्यवसाय से अर्जित की गई थी।

मामले मे बड़े लोगों के नाम होने की आशंका

साधना मिश्रा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से टिन्नू यादव उनके घर पर नहीं रह रहे थे और उनका उनसे कोई संपर्क भी नहीं था। उन्होंने कहा, “जब हमारे पास कुछ है ही नहीं, तो पुलिस क्या बरामद करेगी”https://navbharatlive.com/entertainment/rammandirtheftsunillahriangryreactiondemandsstrictpunishmentforculprits1830889.html”>राम मंदिर में चढ़ावे और धन के गबन का मामला सामने आया है, लेकिन टिन्नू यादव पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया। उनका कहना था कि इस पूरे मामले में “बड़े नाम” भी शामिल हो सकते हैं और जांच में सच्चाई सामने आनी चाहिए।