अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस को एक और अहम सफलता मिली है. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर एक गाड़ी बरामद की है. पुलिस ने इस गाड़ी को चोरी की रकम से खरीदी गई संपत्ति मानते हुए जब्त कर लिया है. पुलिस अब ये भी जांच कर रही है कि चोरी की रकम से और कौनकौन सी संपत्तियां खरीदी गई थीं?

ये बरामदगी पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला से मिली जानकारी के आधार पर की गई है. अविनाश 13 घंटे की पुलिस रिमांड पर है.राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जैसेजैसे जांच आगे बढ़ रही है, आस्था और विश्वास के साथ धोखे की नई स्टोरी सामने आ रही है. सबसे बड़ी बात ट्रस्ट के लेनदेन संबंधित दस्तावेज SIT ने अपने कब्जे में लिए हैं. सवाल है राम मंदिर से जुड़े और कितने राज अभी आने बाकी हैं? SIT एक एंगल से हर दावे की पड़ताल कर रही है.

अविनाश शुक्ला को लेकर प्रतापगढ़ गई पुलिस

दूसरी ओर पकड़े गए अभियुक्तों से भी पूछताछ हो रही है. आज अभियुक्त अविनाश शुक्ला को लेकर पुलिस प्रतापगढ़ गई. ये प्रतापगढ़ का ही रहने वाला है. इसके घर से कैश मिला था. पुलिस ये जांच कर रही है कि चोरी की रकम कहां छिपाई गई है.

अब आपको बताते हैं कि चढ़ावा चोरी की जांच में नए तथ्य क्या सामने आए हैं, पुलिस को अबतक क्याक्या सबूत मिले हैं?

  • पुलिस सूत्रों की माने तो चढ़ावा चोरी के सबूत मिटाने की कोशिश हुई थी
  • अभियुक्तों ने शातिर चोर की तरह मोबाइल को फॉर्मेट कर सबूत मिटाए थे
  • गिरफ्तारी से पहले ही अभियुक्तों ने फोन फॉर्मेट कर दिए थे
  • यहां तक कि व्हाट्सऐप चैट, फोटो, वीडियो भी डिलीट कर दिए थे
  • पुलिस ने सभी अभियुक्तों के फोन कब्जे में ले लिए हैं.

अभियुक्तों के मोबाइल से डेटा रिकवर करेगी SIT

SIT फॉरेंसिक टीम की मदद से अभियुक्तों के मोबाइल से डेटा रिकवर करेगी. इसकी सहायता से चोरी का पूरा प्रोसेस का पता भी SIT लगाएगी. चुनौती ये पता लगाना भी है कि कैसे चोरी की रकम बाहर निकाली जाती थी. इसके अलावा SIT ये जानकारी जुटाएगी कि किन लोगों के बीच रकम का बंटवारा होता था.

SIT के सामने ये सवाल भी हैं कि नेटवर्क चोरी कैसे करता था, क्या चोरी में कुछ और लोग भी शामिल थे, सबसे बड़ी बात चढ़ावा चोरी का मास्टरमाइंड कौन था, बड़ी मछलियां कौन थीं? अब तक की जांच में रकम बाहर निकालने, बंटवारे के कुछ सबूत मिले हैं. ये भी साफ हो चुका है कि गणना के दौरान अभियुक्त व्हाट्सएप से मैसेज भेजते थे.