Tuesday, February 17, 2026
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’10 मिनट तक तड़पता रहा मेरा साहिल…’, द्वारका हिट एंड रन मामले में छलका मां का दर्द, नाबालिग ने मारी थी SUV से टक्कर!

’10 मिनट तक तड़पता रहा मेरा साहिल…’, द्वारका हिट एंड रन मामले में छलका मां का दर्द, नाबालिग ने मारी थी SUV से टक्कर!
’10 मिनट तक तड़पता रहा मेरा साहिल…’, द्वारका हिट एंड रन मामले में छलका मां का दर्द, नाबालिग ने मारी थी SUV से टक्कर!

दिल्ली के द्वारका इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक रईसजादे की तेज रफ्तार SUV ने 23 वर्षीय साहिल धनशेरा की जान ले ली. इस हादसे ने न केवल एक मां की गोद सूनी कर दी. बल्कि दिल्ली की सड़कों पर दौड़ते बिना लाइसेंस वाले नाबालिगों की लापरवाही को भी फिर से उजागर कर दिया है. बेटे की मौत का मंजर बयां करते मां फूट-फूटकर रो पड़ीं. उन्होंने बताया कि कैसे उनका बेटा 10 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा. मगर किसी ने भी उसकी मदद नहीं की.

मृतक साहिल की मां, इन्ना माकन का दर्द सोशल मीडिया से लेकर पुलिस महकमे तक गूंज रहा है. उन्होंने भरे गले से बताया- मेरा साहिल सड़क पर करीब 10 मिनट तक तड़पता रहा, मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन भीड़ और वहां मौजूद एंबुलेंस तमाशबीन बनी रही. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इन्ना के मुताबिक, जब उन्हें सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचीं, तब तक साहिल की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी. अस्पताल पहुंचते-पहुंचते उसने दम तोड़ दिया.

हादसे वाली SUV पर पहले से थे 13 चालान

जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वो बेहद चौंकाने वाले हैं. जिस SUV से साहिल की बाइक की टक्कर हुई, उस गाड़ी का पिछला रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है. इस गाड़ी पर पहले से ही 13 चालान दर्ज थे. अधिकांश चालान ओवरस्पीडिंग के थे, जो उत्तर प्रदेश और दिल्ली में काटे गए थे. इससे यह साफ होता है कि गाड़ी का मालिक और चालक नियमों की धज्जियां उड़ाने के आदी थे.

नाबालिग चला रहा था एसयूवी गाड़ी

पुलिस के अनुसार, 3 फरवरी को हुए इस हादसे के वक्त गाड़ी कोई अनुभवी ड्राइवर नहीं, बल्कि एक नाबालिग चला रहा था. उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं था. टक्कर इतनी जोरदार थी कि साहिल को कुचलने के बाद SUV सड़क किनारे खड़ी एक अन्य कैब से जा भिड़ी, जिससे कैब चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया.

जमानत पर रिहा हुआ आरोपी

कानून की विडंबना देखिए कि जिस नाबालिग ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया, उसे बोर्ड परीक्षाओं का हवाला देकर अंतरिम जमानत मिल गई है. मां इन्ना माकन का कहना है कि वे बेटे के अंतिम संस्कार में टूटी हुई थीं और इसी बीच आरोपी को रिहाई मिल गई. अब परिवार केवल एक ही मांग कर रहा है- निष्पक्ष जांच और न्याय. ताकि किसी और मां का बेटा इस तरह सड़कों पर दम न तोड़े.

me.sumitji@gmail.com

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