
देशभर में मौसम का मिजाज इन दिनों बदला-बदला सा नजर आ रहा है. कहीं बारिश और बर्फबारी देखने को मिल रही है तो कहीं सूरज तेवर दिखा रहा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को अलग-अलग इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सात दिनों तक यहां बारिश की कोई संभावना नहीं है. आसमान साफ रहेगा और दिन में धूप खिली रहेगी. गुरुवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
19 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है. इन राज्यों में पहाड़ों पर 18 फरवरी को भी जमकर बर्फबारी हुई. बर्फ की चादर में पहाड़ लिपटे दिखे.वहीं 19 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं बारिश का अनुमान है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। 19 फरवरी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
20 से 22 फरवरी के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है. तापमान के रुझान की बात करें तो अगले 48 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिसके बाद पांच दिनों तक इसमें खास बदलाव की उम्मीद नहीं है. पूर्वी भारत में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान स्थिर रहेगा और उसके बाद 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है.
महाराष्ट्र और गुजरात में तापमान में होगी बढ़ोतरी
महाराष्ट्र और गुजरात में भी न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 23 डिग्री की वृद्धि का अनुमान है. देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान 2 से 4 डिग्री की गिरावट हो सकती है. इसके बाद दो दिनों में फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.
राजस्थान का कैसा है मौसम?
उधर राजस्थान में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम ने करवट ली है. पिछले 24 घंटों में राजधानी जयपुर सहित कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 27 मिमी वर्षा नरैना (जयपुर) में रिकॉर्ड की गई. इस दौरान न्यूनतम तापमान सिरोही में 11.7 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का सर्वाधिक प्रभाव बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में देखने को मिलेगा.



