
एयरफोर्स के एक कर्मी पर छेड़खानी का आरोप लगाने वाली उसकी नाबालिग साली अदालत में अपने बयान से मुकर गई। सुनवाई के दौरान उसने कहा कि जीजा ने उसके साथ वास्तव में कोई छेड़खानी नहीं की थी, बल्कि दवा लेने के बाद उसे ऐसा सपना आया था और उसी भ्रम में उसने आरोप लगा दिया था। इसके बाद अदालत ने सात साल पुराने इस मामले में एयरफोर्स कर्मी को बरी कर दिया।
क्या है मामला
जानकारी के मुताबिक बिठूर निवासी एयरफोर्स कर्मी की शादी 10 फरवरी 2019 को बिधनू की युवती से हुई थी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। शादी के कुछ दिन बाद जब वह पत्नी को लेने ससुराल गया तो उसकी 15 वर्षीय साली भी उनके साथ आ गई थी।
साली ने लगाया था आरोप
आठ मार्च 2019 को साली ने आरोप लगाया था कि जीजा ने उसके साथ छेड़छाड़ की है। इसके बाद तीन अगस्त 2019 को पिता ने नौबस्ता थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मामले में 29 सितंबर 2019 को एयरफोर्स कर्मी को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें 19 दिन जेल में रहना पड़ा था। बाद में 17 अक्टूबर 2019 को उन्हें जमानत मिल गई।
दवा खाकर सोई थी
अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कहा कि वह दवा खाकर सोई थी और उसी दौरान उसे ऐसा सपना आया, जिससे उसे भ्रम हो गया था। पीड़िता की बड़ी बहन और पिता ने भी अदालत में बताया कि यह मामला भ्रम के कारण दर्ज कराया गया था। इसके बाद अदालत ने एयरफोर्स कर्मी को दोषमुक्त कर दिया।




