
Viral News: एक शख्स ने अपने तीन प्रेमिकाओं के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लिए जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. यह शादी तीन दिनों तक चली और उनके छह बच्चे भी शामिल हुए. लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद उन्होंने बच्चों की सामाजिक पहचान और जनजातीय परंपरा के कारण यह कदम उठाया. कानूनन यह विवाह वैध माना गया.
आजकल शादियां आम तौर पर एक दूल्हा और एक दुल्हन के बीच होती हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के नानपुर गांव से आई खबर ने सबको चौंका दिया है. यहां समरथ मौर्य ने अपनी तीन प्रेमिकाओं के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लिए. सोशल मीडिया पर इस शादी की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं. लोग हैरान हैं और चर्चा कर रहे हैं कि ऐसा कैसे संभव हुआ. यह शादी परंपरा, समाज और रिश्तों के कई पहलुओं पर सवाल उठाती है.आजकल शादियां अक्सर एक दूल्हा और एक दुल्हन के बीच ही देखने को मिलती हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के एक छोटे से गांव से आई खबर ने सबको चौंका दिया है. यहां एक शख्स ने एक नहीं, दो नहीं बल्कि अपनी तीन प्रेमिकाओं के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लिए. सोशल मीडिया पर इस अनोखी शादी की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. लोग हैरान भी हैं और इस पर चर्चा भी कर रहे हैं कि आखिर ऐसा कैसे संभव हुआ. यह शादी परंपरा, समाज और रिश्तों के कई पहलुओं पर सवाल खड़े करती है.
क्या है पूरा मामला?
मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के नानपुर गांव में रहने वाले समरथ मौर्य, जो पहले सरपंच रह चुके हैं, उन्होंने अपनी तीन प्रेमिकाओं के साथ एक साथ शादी रचाई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह शादी जनजातीय परंपराओं के अनुसार हुई और तीन दिनों तक चली. एक ही मंडप के नीचे चारों ने सात फेरे लिए और सैकड़ों लोग इस अनोखे विवाह के गवाह बने. सबसे खास बात यह रही कि इस शादी में उनके छह बच्चे भी मौजूद थे, जिन्होंने अपने पिता की बारात में जमकर डांस किया और इस खास मौके को यादगार बना दिया.
क्यों 15 साल बाद की शादी?
समरथ मौर्य की पहली प्रेमिका से सगाई साल 2003 में हुई थी, जबकि बाकी दो महिलाएं भी पिछले 15 साल से उनके साथ रह रही थीं. लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद उन्होंने शादी करने का फैसला किया. इसके पीछे दो बड़े कारण बताए जा रहे हैं. पहला, उनके बच्चों को समाज में किसी तरह के ताने न सुनने पड़ें और उन्हें एक पहचान मिल सके. दूसरा, जनजातीय समाज में किसी भी मांगलिक कार्य में शामिल होने के लिए शादीशुदा होना जरूरी होता है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया.
क्या यह शादी कानूनी है?
इस अनोखी शादी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या एक साथ तीन महिलाओं से शादी करना कानूनन सही है या नहीं. जानकारी के मुताबिक, भारतीय संविधान का अनुच्छेद 342 जनजातीय समुदायों की परंपराओं और रीति-रिवाजों को संरक्षण देता है. इसी वजह से इस तरह की शादियां उस समाज में मान्य मानी जाती हैं. इसलिए समरथ मौर्य की यह शादी गैर-कानूनी नहीं मानी जाएगी. हालांकि, यह मामला अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं.



