अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह जल्द से जल्द परमाणु समझौता करें वरना उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो हालात बहुत दर्दनाक हो सकते हैं। वाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा हमें समझौता करना ही होगा नहीं तो स्थिति बहुत कठिन और दर्दनाक हो जाएगी। मैं ऐसा नहीं चाहता लेकिन समझौता जरूरी है। समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा है कि यह प्रक्रिया ज्यादा लंबी नहीं चलनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि अगले 1 महीने के भीतर कोई निर्णय हो जाना चाहिए और ईरान को जल्दी सहमत होना चाहिए। ट्रंप ने यह चेतावनी तब दी है जब ऐसी रिपोर्ट आई है कि मिडिल ईस्ट में एक और एयरक्राफ्ट कैरियर पहुंच रहा है।
न्यूज़ एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने कहा है कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव के मद्देनजर अमेरिका का एक विमानवाहक पोर्ट कैरेबियन में मध्यपूर्व भेजा जा रहा है। अब समझिए कि ईरान से बातचीत पर क्या बोले ट्रंप। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर बातचीत विफल रही तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो कहानी अलग होगी। उनका कहना था कि यदि समझौता न्यायपूर्ण और अच्छा नहीं होगा तो ईरान के लिए समय बहुत कठिन हो सकता है। यह बयान उस बैठक के एक दिन बाद आया जो ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेत्याहू के साथ की थी।
ट्रंप ने कहा हमारी बैठक अच्छी रही और नेतन्याहू स्थिति को समझते हैं। लेकिन अंतिम फैसला मेरे हाथ में है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या नेतन्याहू चाहते हैं कि वह बातचीत रोक दे तो ट्रंप ने कहा कि यह बातचीत तब तक जारी रखेंगे जब तक उन्हें सही लगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो फेज टू शुरू होगा जो ईरान के लिए बहुत कठोर होगा। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि फेज टू में क्या कदम उठाए जाएंगे।



