Himachal Se: गाजियाबाद: यूपी के गाजियाबाद में एक अवैध मदरसे पर एक्शन हुआ है। मदरसे को सील कर दिया गया है। मदरसे का संचालन बिना मान्यता और सुरक्षा मानकों के किया जा रहा था। बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसकी वजह से उनकी जान को खतरा हो सकता था।

गाजियाबाद में अवैध रूप से चल रहा मदरसा हुआ सील, बच्चों की जान से हो रहा था खिलवाड़​
गाजियाबाद में अवैध रूप से चल रहा मदरसा हुआ सील, बच्चों की जान से हो रहा था खिलवाड़​

क्या है पूरा मामला?

गाजियाबाद में अवैध रूप से चल रहा मदरसा सील कर दिया गया है। ये मदरसा बिना मान्यता और सुरक्षा मानकों के चल रहा था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मदरसा अग्निशमन और बिजली विभाग की NOC के बिना चल रहा था। बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं भी मौजूद नहीं थीं। विभाग ने मदरसे को अपना पक्ष रखने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र के अंतर्गत कनावनी कॉलोनी में बिना मान्यता और बिना किसी वैधानिक पंजीकरण के संचालित हो रहे “मदरसा जामिया खुल्फा ए राशीदीन” को जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई वक्फ निरीक्षक, अपर आयुक्त और नायब तहसीलदार की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

मदरसा, कार्यालय में पंजीकृत नहीं था और न ही इसके पास मदरसा सोसाइटी का कोई  पंजीकरण प्रमाणपत्र था। परिसर में अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा विभाग की कोई अनापत्ति नहीं थी, जिससे बच्चों की जान को खतरा था। परिसर में साफसफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई। साथ ही, छात्र और छात्राओं के लिए अलगअलग शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं थी। नियमों के विरुद्ध जाकर यहां अवैध रूप से हॉस्टल का संचालन किया जा रहा था, जिसे बाल अधिकारों का घोर उल्लंघन माना गया है।

प्रबंधन को एक हफ्ते का अल्टीमेटम

प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मदरसे के मुख्य भवन और कमरों को सील कर दिया है। मदरसा प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया गया है। नियत समय में साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल और उप जिलाधिकारी को भी तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इस मामले में डीसीपी सिटी जोन/ट्रांस हिंडन जोन गाजियाबाद धवल जायसवाल का बयान भी सामने आया है।