Saturday, March 28, 2026
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रूठी बीबी को मनाने का पुराना तरीका छोड़िए, सॉरी कहने के लिए अपनाएं ये शायराना अंदाज!..

रूठी बीबी को मनाने का पुराना तरीका छोड़िए, सॉरी कहने के लिए अपनाएं ये शायराना अंदाज!..
रूठी बीबी को मनाने का पुराना तरीका छोड़िए, सॉरी कहने के लिए अपनाएं ये शायराना अंदाज!..

Shayari For Angry Wife: रिश्ते काफी ज्यादा नाजूक होते हैं अगर इसमें एक बार भी दरार आ जाती है, तो इसको भरना काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है. रिश्तों में रूठना-मनाना तो चलता ही रहता है, जो कि एक आम बात है लेकिन अगर आप वो ही बोरिंग से पुराने अंदाज में सॉरी बोलते हैं, तो ये तरीका हर बार काम आने वाला नहीं होता है. जब बात पत्नी की नाराजगी पर आ जाती है, तो मामला थोड़ा नाजुक सा हो जाता है और फिर आपको थोड़ा सोच-समझकर ही चीजों को करना है. अक्सर लोग पुराने तरीके जैसे सॉरी बोलकर काम चलाते हैं लेकिन ये तरीका हर बार काम नहीं आ पाता है.

अब समय बदल चुका है और हमको भी बदलने की जरूरत है. अगर आपकी बीबी रूठ गई और आप भी उनको मनाने का अलग-अलग तरीका खोज रहे हैं, तो आप उनको मनाने के लिए आपको थोड़ा अलग और खास अंदाज अपनाना पड़ेगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आप कुछ शायराना अंदाज में भी अपनी बीबी को मना सकते हैं. शायरी को सुनकर ही वो झट से मान जाएगी. आइए आपको बताते हैं.

रूठी बीबी को मनाने के लिए शायरी

1. खता हमारी थी, तो सजा तुम्हारी क्यों हो,
आखिर ये दूरियां हमारे दरमियां क्यों हो?
दिल से कहते हैं माफ कर दो हमें प्यारी,
क्योंकि तुम बिन ये जिंदगी अधूरी सी लगती है.

2. रूठने का तेरे भी क्या अजीब अंदाज हो गया है,
मुस्कुराना चाहूं तो भी तेरी कमी का एहसास होता है
चलो छोड़ दो ये गुस्सा और थोड़ा मुस्कुरा भी दो,
तुम्हारी हंसी में ही तो मेरी पूरी जिंदगी का राज छुपा है.

3. आओ प्यारी फिर से एक नई शुरुआत करें,
पुरानी बातों को अब दिल से अलग करें
तुम्हारे बिना मेरी दुनिया अधूरी सी है,
चलो इस गलती को प्यार से सुधार करें.

4. मेरी हर खुशी तेरी है और
तेरा हर गम अब मेरा है
माफ कर दो ना अब
दिल न तोड़ेंगे दोबारा तेरा.

5. गलती से कोई गलती हो जाए तो
आने में थोड़ी देर हो जाए तो
वैसे तो दिल से नहीं निकाल पाएंगे तुम्हें
पर हमारी धड़कनें रुक जाए तो Sorry.

6. तेरे साथ मेरी अब सांस चलती हैं
तेरे बिना ये धड़कन ठहरती है
कैसे बताऊं तू क्या है मेरी
मेरी हर सांस तुझ पे मरती है.

7. वो गुस्से में भी दूर से ही निहारा करती है
क्या बात है जाने क्यूं इतनी खफा लगती है
कोई खता हुई हमसे तो बख्श दीजिए
हम तो हर वक्त आपको याद किया करते हैं.

me.sumitji@gmail.com

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