Friday, February 20, 2026
IndiaTrending

जमीन या मकानˈ की रजिस्ट्री से पहले जान लें ये नया नियम, अब ये डॉक्युमेंट हुआ अनिवार्य, नहीं तो रजिस्ट्री होगी कैंसिलˌ

जमीन या मकानˈ की रजिस्ट्री से पहले जान लें ये नया नियम, अब ये डॉक्युमेंट हुआ अनिवार्य, नहीं तो रजिस्ट्री होगी कैंसिलˌ

नई Land Registry नियमों के तहत अब सिर्फ रजिस्ट्री कराना काफी नहीं है। सरकार ने संपत्ति के दाखिल-खारिज (Mutation) को अनिवार्य कर दिया है। यदि आपने रजिस्ट्री के बाद यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो सरकारी रिकॉर्ड में नाम अपडेट नहीं होगा और आपकी रजिस्ट्री भी कैंसिल हो सकती है। धोखाधड़ी रोकने और स्वामित्व स्पष्ट करने के लिए यह नियम लागू किया गया है।

जमीन या मकानˈ की रजिस्ट्री से पहले जान लें ये नया नियम, अब ये डॉक्युमेंट हुआ अनिवार्य, नहीं तो रजिस्ट्री होगी कैंसिलˌ

अगर आप भविष्य में जमीन या मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए लैंड रजिस्ट्री से जुड़े नियमों के बारे में जानना बेहद ही जरुरी है। बता दें हाल ही में हुए बदलाव के बाद से जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी और सख्त हो गई है। इनमें सबसे बड़ा बदलाव यह है की अब केवल रजिस्ट्री कराने भर से ही आप कानूनी तौर पर मालिक है माने जाएंगे, इसके लिए आपको म्यूटेशन यानी दाखिल-ख़ारिज की प्रक्रिया को भी पूरा करना आवश्यक होगा।

अब Mutation होगा अनिवार्य

आमतौर पर किसी भी जमीन की खरीदारी करने वाले लोग उसकी रजिस्ट्री करने के बाद म्यूटेशन नजरअंदाज कर देते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लेकिन अब सर्कार की और से यह साफ निर्देश दिए गए हैं की म्यूटेशन के बिना किसी भी सरकारी रिकॉर्ड में पुराने मालिक का ही नाम चलता रहता है, ऐसे में यदि प्रॉपर्टी को लेकर कोई विवाद होता है तो आपकी रजिस्ट्री कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में लीगल ओनरशिप के लिए दाखिल-ख़ारिज की प्रक्रिया जरुरी है।

रजिस्ट्री से पहले रिकॉर्ड वेरिफिकेशन जरुरी

बता दें, अब किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री से पहले उसका ऑनलाइन लैंड रिकॉर्ड चेक करना अनिवार्य कर दिया गया है, इससे भविष्य में जमीन विवादित न हो, किसी और के नाम पर बंधक (Mortgage) न रहे और किसी तरह का भार दर्ज न हो यह सुनिश्चित किया जा सकेगा।

रजिस्ट्री के लिए जरुरी दस्तावेज

जमीन रजिस्ट्री और म्यूटेशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपके पास यह जरुरी दस्तावेज होने आवश्यक है।

  • पैन और आधार कार्ड
  • प्रॉपर्टी टैक्स रिसीप्ट
  • NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट)
  • Sale Deed (बिक्री विलेख)
  • Encumbrance Certificate (EC)
  • टाइटल डीड/मदर डीड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • दो गवाहों की आईडी प्रूफ

म्यूटेशन न करने पर जोखिम

यदि आप दाखिल-खारिज की प्रक्रिया नहीं करवाते हैं तो सरकारी कागजों में ओनर पहले वाला व्यक्ति ही माना जाएगा। किसी भी कानूनी विवाद में आपकी ओनरशिप को चुनौती दी जा सकती है। लोन, NOC या रीसेल जैसे कामों में भी आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा खराब मामले में रजिस्ट्री अमान्य भी मानी जा सकती है।

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply