Himachal Se: गर्मियों के मौसम में तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी के कारण घरों की छतों पर रखी प्लास्टिक की पानी की टंकियां उबलने लगती हैं। नल खोलते ही खौलता हुआ पानी आता है, जिससे नहाना, हाथपैर धोना या बर्तन साफ करना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लोग अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे उपाय ढूंढते रहते हैं जिससे टंकी के पानी को खौलने से बचाया जा सके। ऐसे में इन दिनों खूब चर्चा में है वो है पानी की टंकी पर ग्रीन नेट का इस्तेमाल। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी की टंकी पर ग्रीन नेट का इस्तेमाल करने से क्या होता है। चलिए जानते हैं।

1. पानी को गर्म होने से बचाए
ग्रीन नेट का मुख्य काम सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों और सीधी धूप को रोकना है। जब आप टंकी के ऊपर और चारों तरफ ग्रीन नेट का शेड बना देते हैं, तो यह सीधे पड़ने वाली धूप को लगभग 50% से 90% तक ब्लॉक कर देता है। इससे टंकी का प्लास्टिक सीधा गर्म नहीं होता और उसके अंदर का पानी भीषण गर्मी में भी इस्तेमाल करने लायक सामान्य तापमान पर बना रहता है।
2. टंकी की सेल्फ लाइफ बढ़ाए
ज्यादातर पानी की टंकियां पीवीसी या प्लास्टिक की बनी होती हैं। लगातार सालोंसाल तेज धूप और यूवी किरणों के संपर्क में रहने के कारण प्लास्टिक कमजोर और भुरभुरा होने लगता है, जिसे टेक्निकल भाषा में ‘प्लास्टिक डिग्रेडेशन’ कहते हैं। इससे टंकी में क्रैक आने का खतरा बढ़ जाता है। ग्रीन नेट एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जिससे प्लास्टिक का सीधे धूप से संपर्क नहीं हो पाता और इसकी सेल्फ लाइफ कई साल बढ़ जाती है।
3. काई जमने से रोके
पानी की टंकी में काई या एल्गी तभी पनपती है जब पानी को धूप और गर्मी मिलती है। धूप काई के लिए भोजन बनाने का काम करती है। जब आप ग्रीन नेट लगाते हैं तो यह तेज धूप को रोकता है, जिससे टंकी के अंदर काई जमने की प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे पानी साफ रहता है और आपको बारबार टंकी साफ करने की जरूरत भी नहीं करनी पड़ती है।



